हैदराबाद। नेकलेस रोड पर सोमवार को जनगणना (Census) के महत्व और गणना प्रक्रिया में जनभागीदारी को लेकर जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से भव्य वॉकाथन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि अभिनेत्री अमला अक्किनेनी थीं। इस आयोजन में अधिकारियों, स्वयंसेवकों, विद्यार्थियों, कर्मचारियों और आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। वॉकाथन का नेतृत्व जनगणना निदेशक (Director of Census) भारती होलिकारी, आर.वी. कर्णन और जोनल आयुक्त बी. संतोष ने किया। उन्होंने विकास कार्यों की योजना बनाने में सटीक जनगणना आंकड़ों की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया।
जनगणना प्रक्रिया में जनसहयोग के महत्व को उजागर करने वाले लगाए नारे
प्रतिभागियों ने तख्तियां लेकर स्व-गणना और जनगणना प्रक्रिया में जनसहयोग के महत्व को उजागर करने वाले नारे लगाए। भारती होलिकारी और आर.वी. कर्णन ने नागरिकों से सही जानकारी उपलब्ध कराने और व्यापक एवं विश्वसनीय आंकड़ा संग्रह सुनिश्चित करने के लिए जनगणना अधिकारियों का सहयोग करने की अपील की। आर.वी. कर्णन ने कहा कि वॉकाथन जैसे जागरूकता कार्यक्रम समाज के हर वर्ग तक पहुंचने और राष्ट्र निर्माण गतिविधियों में सामुदायिक भागीदारी बढ़ाने में सहायक होते हैं। इस कार्यक्रम से नेकलेस रोड पर उत्साहपूर्ण वातावरण बना और सुबह टहलने आने वाले लोगों तथा आगंतुकों के बीच जनगणना के प्रति जागरूकता फैलाने में सफलता मिली। यह पहल जनगणना के सफल आयोजन के लिए प्रशासन की जनसंपर्क और नागरिक सहभागिता के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
2026 की जनगणना कब होगी?
भारत में अगली राष्ट्रीय जनगणना की प्रक्रिया वर्ष 2027 के आसपास शुरू होने की संभावना बताई जा रही है। पहले यह कार्य 2021 में होना था, लेकिन कोरोना महामारी के कारण इसे स्थगित कर दिया गया था। केंद्र सरकार की ओर से नई तारीखों को लेकर समय-समय पर जानकारी दी जाती रही है। जनसंख्या, शिक्षा, रोजगार और आवास से जुड़ी जानकारी एकत्र करने के लिए यह प्रक्रिया बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। आधिकारिक घोषणा होने के बाद ही अंतिम तिथियां स्पष्ट होंगी और उसी आधार पर देशभर में कार्य शुरू किया जाएगा।
जनगणना 2026 कब से शुरू होगी?
सरकारी स्तर पर अभी तक इस प्रक्रिया की आधिकारिक शुरुआत की निश्चित तारीख घोषित नहीं की गई है। पहले चरण में घरों और भवनों की जानकारी एकत्र की जाती है, जबकि दूसरे चरण में लोगों की जनसंख्या संबंधी जानकारी दर्ज होती है। महामारी के कारण पिछली योजना प्रभावित हुई थी, इसलिए नई तैयारी पर काम जारी माना जा रहा है। माना जा रहा है कि केंद्र सरकार आधिकारिक अधिसूचना जारी करने के बाद ही पूरे देश में यह कार्य शुरू करेगी। सभी राज्यों में प्रशिक्षित कर्मचारियों की सहायता से आंकड़े जुटाए जाते हैं।
अभी जनगणना हो रही है?
वर्तमान समय में पूरे देश में राष्ट्रीय स्तर की जनगणना प्रक्रिया आधिकारिक रूप से शुरू नहीं हुई है। केंद्र सरकार द्वारा इसकी नई तारीखों की घोषणा का इंतजार किया जा रहा है। पहले यह कार्य 2021 में होना तय था, लेकिन कोविड-19 महामारी के कारण इसे टाल दिया गया था। जनगणना के दौरान घर-घर जाकर लोगों की संख्या, शिक्षा, रोजगार और अन्य सामाजिक जानकारी दर्ज की जाती है। यह प्रक्रिया देश की योजनाओं और विकास कार्यों के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है और सरकारी नीतियां बनाने में मदद करती है।
जनगणना को इंग्लिश में क्या कहा जाता है?
अंग्रेजी भाषा में इसे “Census” कहा जाता है। यह शब्द किसी देश की जनसंख्या, परिवारों और सामाजिक स्थिति से जुड़ी जानकारी एकत्र करने की सरकारी प्रक्रिया को दर्शाता है। इस दौरान लोगों की संख्या, शिक्षा, रोजगार, आयु और आवास संबंधी आंकड़े जुटाए जाते हैं। कई देशों में यह प्रक्रिया निश्चित समय अंतराल पर कराई जाती है। प्राप्त आंकड़ों का उपयोग सरकारी योजनाएं बनाने, संसाधनों का वितरण करने और विकास कार्यों की योजना तैयार करने में किया जाता है। जनसंख्या से जुड़ी सटीक जानकारी के लिए यह प्रक्रिया बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है।
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