छेड़छाड़ के आरोपियों की गई काउंसिलिंग
हैदराबाद। पुलिस उपायुक्त, महिला सुरक्षा, मलकाजगिरी आयुक्तालय टी. उषा रानी (T. Usha Rani) ने कहा कि लड़कियों और महिलाओं को परेशान करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने महिलाओं से अपील की कि वे बिना किसी भय के आगे आकर शिकायत दर्ज कराएं। उन्होंने बताया कि शी टीमें बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों (Railway stations), मेट्रो स्टेशनों, स्कूलों, कॉलेजों, सब्ज़ी बाज़ारों तथा अन्य सार्वजनिक स्थानों पर सादे कपड़ों में डिकॉय ऑपरेशंस कर रही हैं।
सीपी कैंप कार्यालय में ईव-टीज़र्स की काउंसलिंग
महिलाओं का पीछा करने या उन्हें परेशान करने वालों को पुख्ता साक्ष्यों के साथ पकड़कर न्यायालय में पेश किया जा रहा है तथा उनके परिवारजनों की उपस्थिति में काउंसलिंग भी कराई जा रही है। पुलिस उपायुक्त (महिला सुरक्षा), मलकाजगिरी आयुक्तालय के पर्यवेक्षण में एलबी नगर स्थित सीपी कैंप कार्यालय में ईव-टीज़र्स की काउंसलिंग की गई। इस अवधि के दौरान शी टीमों ने महिलाओं एवं लड़कियों से छेड़छाड़ के मामलों में कुल 81 आरोपियों (64 वयस्क और 17 नाबालिग) को पकड़ा। सभी की उनके परिवारजनों की मौजूदगी में पेशेवर काउंसलरों की सहायता से काउंसलिंग की गई।
सिर्फ 15 दिनों में मिली 97 शिकायत
हैदराबाद। शी टीम मल्काजगिरी को जनवरी माह 1 से 15 के बीच कुल 97 शिकायतें प्राप्त हुईं। इन शिकायतों में फोन कॉल के माध्यम से उत्पीड़न के 17, सोशल मीडिया ऐप्स के माध्यम से उत्पीड़न के 36, प्रत्यक्ष/शारीरिक उत्पीड़न के 44 मामले दर्ज किए गए। इन प्रकरणों में 9 आपराधिक मामले दर्ज, 29 साधारण केस 29, 52 व्यक्तियों को काउंसलिंग प्रदान की गई। महत्वपूर्ण मामलों में एक शी टीम को प्राप्त शिकायत के आधार पर एक युवती ने बताया कि उसका सहकर्मी उसे लगातार संबंध बनाने के लिए दबाव डाल रहा था। लगभग तीन महीने पूर्व आरोपी युवती के वर्तमान कार्यस्थल पर आ गया और उससे जबरन शादी का दबाव बनाने लगा।
निजी तस्वीरें सोशल मीडिया पर अपलोड करने की दी धमकी
मना करने पर उसने युवती की निजी तस्वीरें सोशल मीडिया पर अपलोड करने की धमकी दी। शी टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज किया और आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया। डीसीपी टी. उषा रानी ने बताया कि 1 से 15 जनवरी 2026 के दौरान मलकाजगिरी शी टीमों ने 36 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए, जिनमें लगभग 4,566 लोगों को महिला कानूनों, अधिकारों, अपराधों और सुरक्षा उपायों के बारे में जानकारी दी गई।
महिला सुरक्षा क्या है?
इसका अर्थ महिलाओं को हिंसा, उत्पीड़न, शोषण और भेदभाव से सुरक्षित रखना है। इसमें घर, कार्यस्थल, सार्वजनिक स्थान और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर महिलाओं की शारीरिक, मानसिक और सामाजिक सुरक्षा शामिल होती है। महिला सुरक्षा का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि महिलाएँ बिना डर के स्वतंत्र रूप से जीवन जी सकें, अपने अधिकारों का उपयोग कर सकें और समाज में समान भागीदारी निभा सकें।
महिला सुरक्षा के लिए कौन सा नंबर डायल करें?
भारत में महिला सुरक्षा के लिए 181 महिला हेल्पलाइन नंबर व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है। इसके अलावा आपात स्थिति में 112 (राष्ट्रीय आपातकालीन नंबर) पर भी कॉल किया जा सकता है। कई राज्यों में 1091 नंबर भी महिलाओं की मदद के लिए उपलब्ध है। इन नंबरों पर कॉल करके महिलाएँ तुरंत पुलिस या संबंधित सहायता सेवाओं से संपर्क कर सकती हैं।
महिला सुरक्षा प्रोजेक्ट क्या हैं?
यह प्रोजेक्ट वे सरकारी और सामाजिक पहल हैं जो महिलाओं की सुरक्षा बढ़ाने के लिए शुरू की जाती हैं। इनमें निर्भया योजना, महिला पुलिस स्टेशन, सीसीटीवी निगरानी, सेल्फ-डिफेंस ट्रेनिंग, महिला हेल्पलाइन, पिंक पेट्रोलिंग और मोबाइल सेफ्टी ऐप्स शामिल हैं। इन परियोजनाओं का उद्देश्य अपराध रोकना, त्वरित सहायता देना और महिलाओं में सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
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