Medaram Jatara : बच्चों की सुरक्षा हेतु रिस्टबैंड योजना शुरू

By Ajay Kumar Shukla | Updated: January 27, 2026 • 10:51 PM

रिस्टबैंड को स्कैन कर बच्चे को तुरंत परिवार से मिलाया जाएगा

हैदराबाद। आगामी मेडारम जातरा (Medaram Jatara) में भारी भक्तों के आगमन को देखते हुए, हैदराबाद सिटी पुलिस ने बच्चों को भीड़ में खो जाने से बचाने के लिए एक विशेष सुरक्षा पहल शुरू की है। मंगलवार को महात्मा गांधी बस स्टेशन , आफज़लगंज में एक स्टॉल का उद्घाटन किया गया, जहां जातरा के लिए जाने वाले बच्चों को पहचान हेतु विशेष रिस्टबैंड (Wristband) प्रदान किए जाएंगे। स्टॉल का औपचारिक उद्घाटन मुख्य अतिथि के रूप में डीसीपी गोलकोंडा ज़ोन, हैदराबाद जी. चंद्र मोहन द्वारा किया गया। कार्यक्रम में कई वरिष्ठ अधिकारी कृष्ण गौड़, अतिरिक्त डीसीपी, गोलकोंडा ज़ोन श्याम बाबू, अतिरिक्त डीसीपी , एसआईबी, एस. सुदर्शन, एसीपी, गोशमहाल डिवीजन, एन. रवि, निरीक्षक पुलिस (एचएचओ ), आफज़लगुज, जे. श्रीलता, रीजनल मैनेजर, एमजीबीएस उपस्थित रहे।

एक यूनिक क्यूआर कोड होता है प्रत्येक रिस्टबैंड में

प्रत्येक रिस्टबैंड में एक यूनिक क्यूआर कोड होता है, जो स्टॉल पर बच्चों की जानकारी दर्ज करने के बाद तैयार किया जाता है। क्यूआर कोड में बच्चे का नाम, माता-पिता/अभिभावक का नाम, संपर्क मोबाइल नंबर, और निवास पता शामिल रहेगा। अगर जातरा में भीड़ में कोई बच्चा खो जाता है, तो पुलिसकर्मी या स्वयंसेवक रिस्टबैंड को स्कैन कर बच्चे को तुरंत परिवार के साथ जोड़ सकते हैं। अफज़लगंज पुलिस सभी माता-पिता और अभिभावकों से अपील करती है कि वे एमजीबीएस से यात्रा करने से पहले स्टॉल पर जाएं और अपने बच्चों के लिए रिस्टबैंड प्राप्त करें, ताकि यात्रा सुरक्षित और चिंता-मुक्त रहे।

कलाई बैंड का उपयोग किस लिए किया जाता है?

कलाई पर पहना जाने वाला यह बैंड पहचान, स्वास्थ्य निगरानी, सुरक्षा और फैशन के लिए इस्तेमाल होता है। अस्पतालों में मरीज पहचान, आयोजनों में एंट्री कंट्रोल, खेलों में फिटनेस ट्रैकिंग और सामाजिक संदेश फैलाने में इसका उपयोग आम है।

रिस्टबैंड पहनने के क्या फायदे हैं?

यह व्यक्ति की पहचान आसान बनाता है, फिटनेस और स्टेप्स जैसी गतिविधियों पर नज़र रखता है, आपात स्थिति में जानकारी देता है और कई बार प्रेरणादायक या जागरूकता संदेश का माध्यम भी बनता है।

कलाई बैंड कब तक पहनना चाहिए?

अवधि उद्देश्य पर निर्भर करती है। फिटनेस या मेडिकल बैंड तब तक पहना जाता है जब तक निगरानी की जरूरत हो, जबकि इवेंट या पहचान वाले बैंड कार्यक्रम समाप्त होने तक ही पहनना पर्याप्त माना जाता है।

Read Telugu News: https://vaartha.com/

यह भी पढ़ें :

#BreakingNews #HindiNews #LatestNews Child Safety Initiative Crowd Management hyderabad city police Medaram Jatara Public Safety