అభ్యర్థుల మధ్య లొల్లి చైర్ పర్సన్/మేయర్ ఎన్నిక తగ్గిన టమాటా ధరలు నిజామాబాద్, కరీంనగర్లో బిజెపి జెండా! జలమండలి పునర్వ్యవస్థీకరణ తెలంగాణకు శుభవార్త ఎన్నికల పోలింగ్ ఎంతంటే? ముగిసిన మున్సిపల్ పోలింగ్ కోఠిలో కాల్పులు, ఏటీఎం టార్గెట్! రూ.6 లక్షల దోపిడీ అత్తతో కలిసి మేనమామను చంపిన మేనల్లుడు అభ్యర్థుల మధ్య లొల్లి చైర్ పర్సన్/మేయర్ ఎన్నిక తగ్గిన టమాటా ధరలు నిజామాబాద్, కరీంనగర్లో బిజెపి జెండా! జలమండలి పునర్వ్యవస్థీకరణ తెలంగాణకు శుభవార్త ఎన్నికల పోలింగ్ ఎంతంటే? ముగిసిన మున్సిపల్ పోలింగ్ కోఠిలో కాల్పులు, ఏటీఎం టార్గెట్! రూ.6 లక్షల దోపిడీ అత్తతో కలిసి మేనమామను చంపిన మేనల్లుడు

NEET : नीट परीक्षा पेपर लीक के विरोध में यूथ कांग्रेस का मेट्रो रेल में अनोखा प्रदर्शन

Author Icon By Ajay Kumar Shukla
Updated: May 20, 2026 • 11:16 AM
వాట్సాప్‌లో ఫాలో అవండి

केंद्र सरकार पर परीक्षा संचालन में विफल रहने का आरोप

हैदराबाद। यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने नीट (NEET) परीक्षा पेपर लीक मामले के विरोध में मेट्रो रेल में अनोखा प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार पर परीक्षा संचालन में पूरी तरह विफल रहने का आरोप लगाते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शन में जक्किडी शिवचरण रेड्डी और युवा कांग्रेस की राज्य सह-प्रभारी रोशनी जायसवाल ने भाग लिया। नेताओं ने कहा कि लगातार परीक्षा (EXAM) पेपर लीक होने की घटनाओं से छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है और केंद्र सरकार युवाओं के हितों की रक्षा करने में असफल रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने में गंभीर लापरवाही बरती जा रही है, जिससे लाखों छात्रों और अभिभावकों में चिंता बढ़ रही है। प्रदर्शन में रानी राठौड़, राज्य युवा कांग्रेस महासचिव यरमला रामचंद्र रेड्डी, चंद्रिका, राज्य युवा कांग्रेस सचिव चाकली शैलेंद्र सहित अन्य कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।

नीट में कितने नंबर आने पर सरकारी कॉलेज मिलता है?

सरकारी मेडिकल कॉलेज में प्रवेश के लिए आवश्यक अंक हर वर्ष कटऑफ, श्रेणी और राज्य के अनुसार बदलते हैं। सामान्य वर्ग के छात्रों को अक्सर अधिक अंक की आवश्यकता होती है, जबकि आरक्षित वर्ग के लिए कटऑफ अलग हो सकती है। अच्छे सरकारी कॉलेज के लिए सामान्य तौर पर काफी उच्च स्कोर जरूरी माना जाता है। परीक्षा की कठिनाई और सीटों की संख्या भी चयन प्रक्रिया को प्रभावित करती है। ऑल इंडिया कोटा और राज्य कोटा के अनुसार भी अंक अलग-अलग हो सकते हैं।

नीट की 1 साल की फीस कितनी होती है?

मेडिकल शिक्षा की फीस सरकारी और निजी कॉलेजों में काफी अलग होती है। सरकारी मेडिकल कॉलेजों में वार्षिक फीस सामान्यतः कम होती है, जबकि निजी कॉलेजों में यह काफी अधिक हो सकती है। अलग-अलग राज्यों और संस्थानों के अनुसार फीस संरचना बदलती रहती है। ट्यूशन फीस के अलावा हॉस्टल, किताबें और अन्य खर्च भी शामिल हो सकते हैं। छात्रवृत्ति और सरकारी सहायता योजनाओं का लाभ भी कई विद्यार्थियों को दिया जाता है।

नीट परीक्षा देने से क्या होता है?

एमबीबीएस, बीडीएस और अन्य मेडिकल कोर्सों में प्रवेश पाने के लिए यह राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाती है। इसमें प्राप्त अंकों के आधार पर मेडिकल कॉलेजों में दाखिला मिलता है। परीक्षा के जरिए छात्रों की जीवविज्ञान, रसायन विज्ञान और भौतिक विज्ञान विषयों की समझ का मूल्यांकन किया जाता है। सरकारी और निजी दोनों प्रकार के मेडिकल संस्थानों में प्रवेश के लिए इसका महत्व माना जाता है। सफल परिणाम के बाद छात्र डॉक्टर बनने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।

Read Telugu News: https://vaartha.com/

यह भी पढ़ें :

#BreakingNews #HindiNews #LatestNews Education System Metro Rail Protest NEET Paper Leak Student Issues Youth Congress Protest

గమనిక: ఈ వెబ్ సైట్ లో ప్రచురించబడిన వార్తలు పాఠకుల సమాచార ప్రయోజనాల కోసం ఉద్దేశించి మాత్రమే ఇస్తున్నాం. మావంతుగా యధార్థమైన సమాచారాన్ని ఇచ్చేందుకు కృషి చేస్తాము.