Hyderabad : बाल यौन शोषण सामग्री मामले में यूट्यूबर गिरफ्तार

By Ajay Kumar Shukla | Updated: January 8, 2026 • 4:08 PM

खुद स्वत: संज्ञान लेकर हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस ने की कार्रवाई

हैदराबाद। हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस ने सोशल मीडिया (Social Media) के माध्यम से बाल यौन शोषण से संबंधित आपत्तिजनक सामग्री बनाने, अपलोड करने और प्रसारित करने के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह मामला साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन, हैदराबाद में दर्ज अपराध संख्या 1885/2025 से संबंधित है। पुलिस द्वारा गिरफ्तार आरोपी की पहचान कंबेटी सत्य मूर्ति के रूप में हुई है, जो आंध्र प्रदेश का निवासी है। आरोपी एक यूट्यूब चैनल का संचालन कर रहा था। जांच में सामने आया कि आरोपी अपने चैनल पर नाबालिग बच्चों (18 वर्ष से कम आयु) के साक्षात्कार लेकर आपत्तिजनक (Objectionable), अश्लील और यौन रूप से स्पष्ट प्रश्न पूछता था और उन्हें सोशल मीडिया पर प्रसारित करता था।

एक-दूसरे को चूमने के लिए उकसाया

पुलिस के अनुसार, आरोपी द्वारा अपलोड किए गए वीडियो में 15 से 17 वर्ष की आयु के नाबालिग बच्चों को शामिल किया गया था। एक वीडियो में आरोपी ने दो नाबालिग बच्चों को एक-दूसरे को चूमने के लिए उकसाया, जो बच्चों के यौन शोषण की श्रेणी में आता है। वीडियो में प्रयुक्त भाषा और व्यवहार अत्यंत अशोभनीय एवं कानून का गंभीर उल्लंघन करने वाला पाया गया। बीते दिनांक 16 अक्टूबर 2025 को साइबर क्राइम पुलिस, हैदराबाद ने यूट्यूब चैनल पर बाल शोषण से संबंधित वीडियो प्रसारित होने का स्वतः संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज किया। तकनीकी जांच और डिजिटल साक्ष्यों के सत्यापन के बाद यह पुष्टि हुई कि उक्त सामग्री बाल संरक्षण कानूनों और साइबर कानूनों का स्पष्ट उल्लंघन है।

2018 से यूट्यूबर के रूप में था सक्रिय

इसके आधार पर आरोपी की पहचान कर उसे गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने बताया कि आरोपी वर्ष 2018 से यूट्यूबर के रूप में सक्रिय था और यूट्यूब चैनल तथा इंस्टाग्राम अकाउंट का संचालन कर रहा था। शुरुआत में वह सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के साक्षात्कार अश्लील भाषा में लेकर दर्शक संख्या बढ़ाता था। बाद में अधिक व्यूज़ और कमाई के उद्देश्य से उसने नाबालिग बच्चों को निशाना बनाना शुरू किया और उनके साथ अत्यंत आपत्तिजनक एवं यौन रूप से स्पष्ट बातचीत कर वीडियो अपलोड किए। इस मामले का सफलतापूर्वक खुलासा निरीक्षक एस. नरेश के नेतृत्व में, उप निरीक्षक सुरेश एवं टीम द्वारा किया गया।

हैदराबाद की प्रत्यक्ष निगरानी में हुई संपन्न

यह कार्रवाई सहायक पुलिस आयुक्त शिवा मारुति, साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन, हैदराबाद की प्रत्यक्ष निगरानी में संपन्न हुई। हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस ने कड़ी चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि नाबालिगों का ऑनलाइन शोषण एक गंभीर आपराधिक अपराध है और ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की रियायत नहीं दी जाएगी। नाबालिगों से अश्लील, आपत्तिजनक या यौन संकेतात्मक प्रश्न पूछना, उन्हें अनुचित गतिविधियों के लिए उकसाना या ऐसी सामग्री सोशल मीडिया पर अपलोड करना दंडनीय अपराध है।

गिरफ्तारी की क्या परिभाषा है?

कानूनी दृष्टि से गिरफ्तारी उस प्रक्रिया को कहा जाता है, जिसमें किसी व्यक्ति को पुलिस या अन्य अधिकार प्राप्त अधिकारी द्वारा अपराध के संदेह में अस्थायी रूप से स्वतंत्रता से वंचित किया जाता है। इसका उद्देश्य आरोपी को न्यायिक प्रक्रिया के सामने लाना और जांच में सहयोग सुनिश्चित करना होता है। गिरफ्तारी कानून और नियमों के तहत की जाती है, और इसे बिना उचित कारण या न्यायिक आदेश के करना गैरकानूनी माना जाता है।

गिरफ्तार कैसे किया जाता है?

पुलिस गिरफ्तारी के दौरान आरोपी को पहले उसकी पहचान बताकर गिरफ्तारी का कारण बताती है। इसके बाद उसे हिरासत में ले लिया जाता है और रिकॉर्ड में इसकी जानकारी दर्ज की जाती है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को पुलिस स्टेशन ले जाकर पूछताछ की जाती है और 24 घंटे के भीतर न्यायालय के सामने पेश करना अनिवार्य होता है। आरोपी को अधिकार होते हैं जैसे वकील की सहायता लेना और परिवार को सूचित करना।

पुलिस कब गिरफ्तार हो सकती है?

किसी पुलिस अधिकारी को भी गिरफ्तारी के नियम कानूनों के उल्लंघन या गंभीर अपराध करने पर किया जा सकता है। यदि अधिकारी अपने पद का दुरुपयोग करता है, गैरकानूनी कार्रवाई करता है, या किसी की हत्या, भ्रष्टाचार या अन्य अपराध में शामिल पाया जाता है, तो न्यायालय की अनुमति से या उच्च अधिकारी के आदेश पर उसे गिरफ्तार किया जा सकता है। पुलिस की गिरफ्तारी भी समान कानूनी प्रक्रिया के तहत होती है।

Read Telugu News: https://vaartha.com/

यह भी पढ़ें :

#Breaking news #HindiNews #LatestNews arrested Child Exploitation cyber crime Objectionable Content social media