नंदिनी अग्रवाल की कहानी
नंदिनी अग्रवाल ने मात्र 19 वर्ष की उम्र में चार्टर्ड अकाउंटेंट की परीक्षा पास कर न केवल ऑल इंडिया रैंक 1 हासिल की, बल्कि दुनिया की सबसे कम उम्र की महिला चार्टर्ड अकाउंटेंट बनकर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराया।
मध्य प्रदेश के शहर मुरैना की गलियों में खेलने वाली एक छोटी सी लड़की ने एक सपना देखा। औरों की तरह वह सिर्फ सपने देखती नहीं,बल्कि उन्हें जीना भी जानती है।
इस बच्ची ने अपने सपनों से परिवार, शहर, राज्य और देश सबका नाम रोशन किया। मुरैना की इस बेटी का नाम नंदिनी अग्रवाल है।
नंदिनी अग्रवाल ने मात्र 19 वर्ष की उम्र में चार्टर्ड अकाउंटेंट की परीक्षा पास कर न केवल ऑल इंडिया रैंक 1 हासिल की, बल्कि दुनिया की सबसे कम उम्र की महिला चार्टर्ड अकाउंटेंट बनकर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराया।
नंदिनी ने अपनी स्कूली शिक्षा के दौरान ही अपनी प्रतिभा का परिचय देना शुरू कर दिया था। उन्होंने दो कक्षाएं स्किप कीं और इस कारण उन्होंने 10वीं कक्षा केवल 13 वर्ष की उम्र में और 12वीं कक्षा 15 वर्ष की उम्र में पूरी कर ली। महज 16 साल की उम्र में उन्होंने CA इंटरमीडिएट परीक्षा भी उत्तीर्ण कर ली थी और उसमें ऑल इंडिया रैंक 31 हासिल की।
इसके बाद जुलाई 2021 में मात्र 19 वर्ष 8 माह की उम्र में उन्होंने CA फाइनल परीक्षा में भी पहला स्थान प्राप्त कर इतिहास रच दिया।
गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ नाम
नंदिनी अग्रवाल की यह अभूतपूर्व उपलब्धि सिर्फ भारत में नहीं बल्कि वैश्विक स्तर पर भी सराही गई। गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड ने उन्हें “दुनिया की सबसे कम उम्र की महिला चार्टर्ड अकाउंटेंट” के
पारिवारिक सहयोग और प्रेरणा
नंदिनी की सफलता के पीछे उनके परिवार का बड़ा योगदान रहा है। उनके भाई सचिन अग्रवाल भी चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं और दोनों भाई-बहनों ने मिलकर CA की पढ़ाई की थी।
नंदिनी बताती हैं कि उनके भाई के साथ मिलकर पढ़ने से उन्हें लगातार प्रेरणा और मार्गदर्शन मिला।उनके माता-पिता ने भी हमेशा उन्हें हर कदम पर प्रोत्साहित किया और विश्वास दिलाया कि वह जो भी लक्ष्य तय करेंगी, उसे प्राप्त कर सकती हैं। तौर पर मान्यता दी।