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Toll Pass: तेलंगाना के लोगों को वार्षिक टोल पास का लाभ उठाने का अवसर मिलें : पूर्व सांसद

Ajay Kumar Shukla
Ajay Kumar Shukla
Toll Pass: तेलंगाना के लोगों को वार्षिक टोल पास का लाभ उठाने का अवसर मिलें : पूर्व सांसद

हैदराबाद : करीमनगर के पूर्व सांसद बोइनापल्ली विनोद कुमार (Vinod Kumar) आज कांग्रेस सरकार से तेलंगाना के लोगों (Telangana people) वार्षिक टोल पास निश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया। राज्य में निजी वाहनों का डेटाबेस केंद्र सरकार के नियंत्रण वाले वाहन पोर्टल पर अपलोड नहीं किया गया है, इसलिए तेलंगाना के लोगों के सामने फास्टैग का वार्षिक टोल पास पाने का अवसर खोने का खतरा मंडरा रहा है।

वाहन पंजीकरण संख्या और ड्राइविंग लाइसेंस का विवरण अपलोड करना चाहिए

उन्होंने कहा कि फास्टैग वार्षिक टोल पास पाने के लिए, हल्के मोटर वाहन (एलएमवी) यानी कार और जीप के मालिकों को केंद्र द्वारा प्रबंधित वाहन और सारथी पोर्टल पर अपने वाहन पंजीकरण संख्या और ड्राइविंग लाइसेंस का विवरण अपलोड करना चाहिए। उन्होंने बताया, “इस योजना के माध्यम से केंद्र सरकार मात्र 3000 रुपये के शुल्क पर वर्ष में 200 बार (200 चक्कर) टोल पार करने की सुविधा प्रदान कर रही है। यह योजना 15 अगस्त से पूरे देश में लागू होगी। देश के सभी राज्यों ने अपने-अपने क्षेत्राधिकार में आने वाले निजी वाहनों के नंबर, ड्राइविंग लाइसेंस आदि की जानकारी वाहन और सारथी पोर्टल से जोड़ दी है। केवल तेलंगाना राज्य ने इसे लंबित रखा था। केंद्रीय परिवहन सचिव उमाशंकर इस संबंध में तेलंगाना के मुख्य सचिव को पत्र लिख चुके हैं।”

सारथी पोर्टल से जोड़ने के लिए तत्काल कदम उठाए सरकार

उन्होंने राज्य सरकार से इस ओर विशेष ध्यान देने की मांग की। उन्होंने यह भी मांग की कि राज्य सरकार राज्य के सभी वाहनों की जानकारी वाहन और सारथी पोर्टल से जोड़ने के लिए तत्काल कदम उठाए और यह सुनिश्चित करे कि राज्य के लोगों को यह सुविधा मिले

टोल शुल्क की गणना कैसे की जाती है?

वाहन का प्रकार: कार, बस, ट्रक, दोपहिया आदि। भारी वाहन जैसे ट्रक और बसों का शुल्क ज़्यादा होता है।

क्या वार्षिक टोल पास उपलब्ध है?

यह सुविधा आमतौर पर स्थानीय निवासियों या नियमित यात्रियों (जैसे कि डेली कम्यूट करने वाले) के लिए होती है।

टोल टैक्स का पैसा किसके पास जाता है?

NHAI (राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) या अन्य संबंधित सरकारी एजेंसियों के पास, यदि सड़क सरकारी परियोजना है। यदि कोई सड़क पीपीपी (Public Private Partnership) मॉडल पर बनी है, तो पैसा प्राइवेट कंपनी को जाता है, लेकिन नियम और रेट NHAI तय करता है। इस पैसे का उपयोग सड़क की मेंटेनेन्स, सुधार, और नई सड़क परियोजनाओं के लिए किया जाता है।

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