अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कई देशों पर जवाबी शुल्क लगाने की प्रचार की है। इसे उनकी सरकार का अब तक का सबसे बड़ा पद माना जा रहा है। ट्रंप ने हिन्दुस्थान समेत कई देशों पर अमेरिकी वस्तुओं पर ऊंचे शुल्क लगाने का इलज़ाम लगाया है। अब इस मामले में अमेरिकी प्रशासन ने कुछ कानून की सूची जारी की है, जिसे वह कारोबार में बाधा मानता है।
‘दूषित-15’ देशों का जिक्र
अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेन्ट ने ‘डर्टी-15’ नामक देशों के समूह का जिक्र किया है। उन्होंने कहा कि ये वे देश हैं, जो अमेरिका के 15% कारोबार साझेदार हैं, लेकिन अमेरिकी सामान पर भारी टैक्स लगाते हैं। हालांकि, उन्होंने इन देशों का नाम स्पष्ट नहीं किया, लेकिन अमेरिकी उद्योग घाटे के आंकड़े इन देशों की पहचान कर सकते हैं।
अमेरिका के कारोबार घाटे में अहम देश
अमेरिका व्यापार विभाग के 2024 के कारोबार घाटे के आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका को सबसे ज्यादा नकारात्मक चीन से होता है। इसके बाद कारोबार संघ, मेक्सिको, वियतनाम, आयरलैंड, जर्मनी, ताइवान, जापान, दक्षिण कोरिया, कनाडा, थाईलैंड, हिन्दुस्थान, इटली, स्विट्जरलैंड, मलेशिया और इंडोनेशिया का स्थान आता है।
ट्रंप लंबे समय से इन देशों पर अमेरिका का अनुचित फायदा उठाने का इलज़ाम लगाते रहे हैं। उनका कहना है कि ये देश अमेरिकी नकारात्मक के लिए सबसे अधिक जिम्मेदार हैं। अब उनकी सरकार इन देशों पर उत्तर शुल्क लगाने की योजना में है।
अमेरिका ने 21 देशों पर लगाए अनुचित कारोबार नीति के आरोप
अमेरिका कारोबार प्रतिनिधि कार्यालय ने 21 देशों को उन देशों की सूची में रखा है, जो अमेरिका के साथ अनुचित व्यापार नीति अपना रहे हैं। इन देशों के कारोबार संबंधों की अनुसंधान किए जाने की जरूरत बताई गई है। इस सूची में अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, यूरोपीय संघ, हिन्दुस्थान, इंडोनेशिया, जापान, दक्षिण कोरिया, मलेशिया, मेक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, स्विट्जरलैंड, ताइवान, थाईलैंड, तुर्की, यूनाइटेड किंगडम और वियतनाम शामिल हैं।
ट्रंप संचालन अभी यह तय नहीं कर पाया है कि किस देश पर कितना टैरिफ लगाया जाएगा, लेकिन यह स्वच्छ किया गया है कि जो देश अमेरिका वस्तुएँ पर जितना टैक्स लगा रहे हैं, उतना ही टैक्स अमेरिका भी उनके वस्तुएँ पर लगाएगा।
उज्ज्वल हाउस के अनुसार,
- यूरोपीय संघ अमेरिकी दुग्ध उत्पादों पर 50% शुल्क लगाता है।
- जापान अमेरिका चावल पर 700% शुल्क वसूलता है।
- हिन्दुस्थान अमेरिका कृषि उत्पादों पर 100% तक शुल्क लगाता है।
- कनाडा अमेरिका मक्खन और पनीर पर करीब 300% तक टैक्स लेता है।
अब अमेरिका भी इन देशों के उत्पादों पर समान या अधिक शुल्क लगाने की प्रोजेक्ट बना रहा है ताकि अपने कारोबार घाटे को संतुलित कर सके।