CM Yogi: जैव विविधता मानव समाज के लिए जरुरी

Author Icon By digital
Updated: May 23, 2025 • 5:48 PM
వాట్సాప్‌లో ఫాలో అవండి

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस के अवसर पर आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में पर्यावरण संरक्षण के लिए समूहिक जिम्मेदारी और जनभागीदारी की आवश्यकता पर जोर दिया है. इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित इस संगोष्ठी का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री ने इस साल की थीम “प्रकृति के साथ सामंजस्य और सतत विकास” के महत्व को रेखांकित किया.

संस्कृति और धर्म से जुड़ी प्रकृति प्रेम की परंपरा

मुख्यमंत्री ने भारत की प्राचीन परंपराओं का उल्लेख करते हुए कहा कि “हमारे वैदिक दर्शन और सनातन धर्म में प्रकृति के साथ सामंजस्यपूर्ण जीवन जीने की बात सदैव कही गई है. हर शुभ कार्य की शुरुआत धरती, जल, वायु और सभी जीवों के कल्याण की प्रार्थना से होती है.

अथर्ववेद में धरती को मां कहा गया है. ऐसे में उसका संरक्षण हमारा कर्तव्य है.”

जन भागीदारी से ही होगा नेट जीरो लक्ष्य हासिल

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्ष 2070 तक नेट जीरो कार्बन उत्सर्जन का जो लक्ष्य तय किया गया है, उसे जनसहयोग के बिना प्राप्त नहीं किया जा सकता. उन्होंने कहा, “जब तक हम सभी मिलकर प्रकृति के साथ संतुलन नहीं बनाएंगे, तब तक सतत विकास का सपना अधूरा रहेगा.”

व्यक्ति, प्रकृति के जितना अधिक नजदीक रहेगा, उतना ही स्वस्थ महसूस करेगा। अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस के अवसर पर आज लखनऊ में ‘प्रकृति तथा सतत विकास के साथ सामंजस्य’ विषयक राष्ट्रीय संगोष्ठी-2025 का उद्घाटन किया।

इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण पर केंद्रित ‘ग्रीन बजट’ पुस्तक का विमोचन कर जैव विविधता पर आधारित प्रतियोगिताओं के विजेता छात्र-छात्राओं को प्रमाण-पत्र एवं पुरस्कार प्रदान किए। संगोष्ठी के सफल आयोजन हेतु शुभकामनाएं!

గమనిక: ఈ వెబ్ సైట్ లో ప్రచురించబడిన వార్తలు పాఠకుల సమాచార ప్రయోజనాల కోసం ఉద్దేశించి మాత్రమే ఇస్తున్నాం. మావంతుగా యధార్థమైన సమాచారాన్ని ఇచ్చేందుకు కృషి చేస్తాము.