लंदन। United Kingdom की राजनीति में इन दिनों बड़ा उथल-पुथल देखने को मिल रहा है। सत्तारूढ़ लेबर पार्टी के भीतर असंतोष बढ़ता जा रहा है और 70 से अधिक सांसदों ने प्रधानमंत्री (Keir Starmer) से इस्तीफा देने की मांग कर दी है। हालिया स्थानीय और क्षेत्रीय चुनावों में पार्टी के खराब प्रदर्शन के बाद नेतृत्व को लेकर सवाल तेज हो गए हैं।
चुनावी हार के बाद बढ़ा दबाव
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक लेबर पार्टी को इंग्लैंड, स्कॉटलैंड और वेल्स में हुए चुनावों में भारी नुकसान झेलना पड़ा। खासकर वेल्स में पार्टी ने 1999 के बाद पहली बार संसद पर अपना नियंत्रण खो दिया, जहां (Plaid Cymru) ने बढ़त हासिल की। चुनावी नतीजों के बाद पार्टी के भीतर नेतृत्व परिवर्तन की मांग तेज हो गई है। इसी बीच चार मंत्रियों के इस्तीफे ने सरकार की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
कैबिनेट मंत्रियों ने भी जताई चिंता
रिपोर्ट्स के अनुसार विदेश सचिव Yvette Cooper और गृह मंत्री (Shabana Mahmood) समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने निजी तौर पर स्टार्मर से सत्ता के शांतिपूर्ण हस्तांतरण पर विचार करने की सलाह दी है। लेबर पार्टी के नियमों के मुताबिक औपचारिक नेतृत्व चुनौती शुरू करने के लिए 81 सांसदों के समर्थन की जरूरत होती है। ऐसे में बढ़ते विरोध ने स्टार्मर की स्थिति को और कमजोर कर दिया है।
स्टार्मर ने इस्तीफे से किया इनकार
हालांकि बढ़ते दबाव के बावजूद कीर स्टार्मर ने इस्तीफा देने से साफ इनकार कर दिया है। लंदन में पार्टी समर्थकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें पता है कि कुछ लोग उनके नेतृत्व पर सवाल उठा रहे हैं, लेकिन वह अपने काम से सभी को जवाब देंगे। स्टार्मर ने भरोसा जताया कि उनकी सरकार आर्थिक सुधार, ऊर्जा क्षेत्र में बदलाव और यूरोप के साथ मजबूत संबंधों के जरिए जनता का विश्वास दोबारा जीतने में सफल होगी।
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2024 में खत्म किया था कंजर्वेटिव शासन
गौरतलब है कि स्टार्मर जुलाई 2024 में सत्ता में आए थे और उन्होंने 14 साल पुराने कंजर्वेटिव शासन को समाप्त किया था। लेकिन सत्ता संभालने के बाद से उन्हें आर्थिक सुस्ती, बढ़ती महंगाई और लगातार राजनीतिक विवादों को लेकर आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है।
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