पटना। बिहार में ठंड अब अपने सबसे तीखे दौर में प्रवेश कर चुकी है। घना कोहरा, बर्फीली पछुआ हवाएं और पश्चिमी विक्षोभ के असर से राज्य में मौसम लगातार बिगड़ता जा रहा है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में शीतलहर के साथ बारिश और कोहरे (Rain and Fog) को लेकर अलर्ट जारी किया है, जिसका सीधा असर आम जनजीवन और यातायात व्यवस्था पर पड़ सकता है।
पश्चिमी विक्षोभ से बदला मौसम का मिजाज
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार 17 दिसंबर से सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव पूरे उत्तर भारत में देखने को मिल रहा है। जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड (Uttrakhand) में भारी बर्फबारी की संभावना जताई गई है। पहाड़ी इलाकों से चल रही ठंडी हवाओं के कारण बिहार के मैदानी क्षेत्रों में कंपकंपी बढ़ गई है। विभाग के मुताबिक कुछ जिलों में बादल छाए रह सकते हैं और हल्की बारिश या बूंदाबांदी की भी संभावना है।
न्यूनतम तापमान में तेज गिरावट
राज्य में तापमान लगातार गिर रहा है। भागलपुर के सबौर और समस्तीपुर के पूसा में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया है। राजधानी पटना में न्यूनतम तापमान करीब 14 डिग्री बना हुआ है, लेकिन तेज पछुआ हवाओं के कारण सुबह और रात में ठंड ज्यादा महसूस की जा रही है। लगभग 20 जिलों में अधिकतम तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है।
पाला पड़ने की आशंका, ग्रामीण इलाकों में बढ़ी चिंता
मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले सात दिनों में न्यूनतम तापमान में 3 से 4 डिग्री तक और गिरावट हो सकती है। इससे ग्रामीण इलाकों में पाला पड़ने की आशंका बढ़ गई है, जो फसलों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।
22 दिसंबर के बाद घने कोहरे का अलर्ट
आईएमडी ने बिहार समेत उत्तर प्रदेश, राजस्थान और पंजाब के लिए विशेष चेतावनी जारी की है। 22 दिसंबर के बाद राज्य में शीतलहर और घने कोहरे का असर और तेज हो सकता है। सुबह के समय दृश्यता काफी कम रहने की संभावना है, जिससे रेल और सड़क यातायात प्रभावित हो सकता है। मौसम विभाग ने लोगों को ठंड से बचाव और सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
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