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Blood Moon : चंद्र ग्रहण का राशियों पर अशुभ प्रभाव

Surekha Bhosle
Surekha Bhosle
Blood Moon : चंद्र ग्रहण का राशियों पर अशुभ प्रभाव

चंद्रमा क्यों ‘लाल’ दिखाई देगा?

  • जब पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा के बीच स्थित हो जाता है, तो पृथ्वी की परतों से गुजरते हुए सूर्य का प्रकाश चंद्रमा तक पहुँचता है, जिसमें नीली किरणें बिखर जाती हैं और (Blood Moon) लाल-नारंगी किरणें चंद्रमा तक पहुँचकर उसे ‘Blood Moon’ यानी रक्तिमा बना देती हैं। इसे Rayleigh scattering कहते हैं

Blood Moon 2025: वर्ष 2025 में दूसरा और आखिरी चंद्र ग्रहण (Lunar eclipse) 7 सितंबर की रात 09:58 मिनट से लेकर 8 सितंबर की सुबह 01:26 मिनट तक लगने वाला है। ये ग्रहण करीब 12482 सेकंड का होगा, जो भारत में दिखाई देगा।

इस दौरान चंद्रमा सफेद होने की जगह लाल हो जाएगा। दरअसल, जब पृथ्वी की छाया में चंद्रमा पूरी तरह से ढक जाता है तो आकाश में अंधेरा छा जाता है, लेकिन आसमान पूरी तरह से स्याह यानी काला नहीं होता है। ऐसे में चंद्रमा लाल रंग का दिखता है, जिस कारण इसे पूर्ण चंद्र ग्रहण, ब्लड मून, लाल चंद्रमा और रक्त चंद्रमा कहा जाता है।

ये ग्रहण पूर्ण है, ऐसे में इसका सूतक काल भी मान्य होगा। जब किसी ग्रहण का सूतक काल मान्य होता है तो उसका राशियों पर प्रभाव भी पड़ता है। आइए जानते हैं किन तीन राशियों के ऊपर 7 सितंबर को लगने वाले चंद्र ग्रहण का शुभ प्रभाव नहीं पड़ेगा।

राशियों पर प्रभाव

  • वृषभ राशि

7 सितंबर को लगने वाले चंद्र ग्रहण से वृषभ राशिवालों को कुछ ज्यादा लाभ नहीं होगा। घर में पुराने मुद्दे फिर से विवाद का कारण बन सकते हैं। इसके अलावा कारोबारियों के पैसे अटक सकते हैं, जिस कारण उन्हें कई दिनों तक धन संकट का सामना करना पड़ेगा। ग्रहण के दौरान उम्रदराज जातक अपनी सेहत का ध्यान रखें और कोई भारी सामान न उठाएं।

उपाय- ग्रहण लगने से पहले और बाद में घर को गंगाजल से शुद्ध करें।

  • कुंभ राशि

साल 2025 का दूसरा और आखिरी चंद्र ग्रहण कुंभ राशिवालों के जीवन को प्रभावित करेगा। दांपत्य जीवन में उत्पन्न चुनौतियों के कारण मानसिक अशांति रहेगी। इसके अलावा रिश्तों को लेकर सजग नहीं रहेंगे तो दूरियां बढ़ेंगी। गर्भवती महिलाओं का स्वास्थ्य भी प्रभावित हो सकता है। इसलिए डाइट पर ध्यान दें और अकेले घर से बाहर न जाएं।

उपाय- सुबह-शाम देवी-देवताओं की पूजा करें और महामृत्युंजय मंत्र का जप करें।

  • मीन राशि

चंद्र ग्रहण का मीन राशिवालों पर सकारात्मक असर देखने को नहीं मिलेगा, बल्कि आर्थिक परेशानियां बढ़ेंगी। जल्दबाजी में किए गए फैसले नुकसान पहुंचा सकते हैं। थकान और कमजोरी की समस्या उम्रदराज जातकों के ऊपर हावी रहेगी। महिलाओं का स्वभाव चिड़चिड़ा हो जाएगा और बात-बात पर गुस्सा आएगा। ऐसे में घर में शांति का माहौल नहीं रहेगा।

उपाय- ग्रहण खत्म होने के बाद धन का दान करें।

चंद्र ग्रहण कब लगता है और कैसे होता है?

खगोलविदों के अनुसार, पृथ्वी जब अपनी कक्षा में घूमते हुए सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है, तो वह सूर्य की रोशनी को चंद्रमा तक पहुंचने से रोक देती है. ऐसी स्थिति में चंद्रमा पर पृथ्वी की छाया पड़ती है. नतीजन चंद्रमा का रंग काला या लाल रंग का दिखाई देने लगता है. इसी घटना को चंद्र ग्रहण कहा जाता है।

Red Moon क्या है?

Blood Moon: क्यों लाल दिखता है चांद? पूर्ण चंद्रग्रहण के दौरान जब पृथ्वी, सूर्य और चांद के बीच आ जाती है, तो सूर्य की रोशनी सीधे चांद तक नहीं पहुंच पाती.लेकिन, धरती का वायुमंडल इस रोशनी को मोड़कर और छानकर चांद तक पहुंचा देता है।

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