Hazratbal Dargah : श्रीनगर दरगाह में अशोक चिन्ह पर विवाद

Read Time:  1 min
Hazratbal Dargah
Hazratbal Dargah
FONT SIZE
GET APP

श्रीनगर(Srinagar) की Hazratbal Dargah में अशोक चिन्ह को लेकर विवाद खड़ा हो गया।
कट्टरपंथियों ने उद्घाटन पट्टिका पर लगे राष्ट्रीय प्रतीक को नुकसान पहुँचाया।
घटना पर मुख्यमंत्री और नेताओं ने अलग-अलग प्रतिक्रिया दी।
वक्फ बोर्ड ने इसे गंभीर अपराध बताते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की बात कही।

दरगाह हजरतबल क्यों प्रसिद्ध है?

Hazratbal Dargah इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें पैगंबर मुहम्मद का एक पवित्र अवशेष, एक बाल, रखा है, जिसे मोई-ए-मुक़्क़दस कहा जाता है। कहानी यह है कि यह बाल पैगंबर के एक वंशज बीजापुर लाए थे; उनके वंशजों ने, जब वे कठिन समय से गुज़र रहे थे, इसे एक कश्मीरी व्यापारी नूरुद्दीन एशाई को बेच दिया।

हज़रतबल मस्जिद का निर्माण किसने करवाया था?

इतिहास। हज़रतबल दरगाह की स्थापना ख्वाजा नूरुद्दीन ईशाई की पुत्री और अवशेष की संरक्षक इनायत बेगम ने की थी। इस दरगाह की पहली इमारत का निर्माण 17वीं शताब्दी में बादशाह शाहजहाँ के शासनकाल में मुगल सूबेदार सादिक खान ने करवाया था। इसे पहले इशरत जहाँ कहा जाता था।

digital

लेखक परिचय

digital

सूचना : इस वेबसाइट पर प्रकाशित खबरें केवल पाठकों की जानकारी के उद्देश्य से दी जाती हैं। हम अपनी ओर से यथासंभव सही और सटीक जानकारी प्रदान करने का प्रयास करते हैं।