Russia ready for war : अगर यूरोप युद्ध का रास्ता चुनता है, तो रूस तुरंत जवाब देने के लिए तैयार है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यह कड़ा संदेश देते हुए कहा कि मॉस्को का यूरोपीय देशों पर हमला करने का कोई इरादा नहीं है, लेकिन यदि युद्ध थोपा गया तो रूस पीछे नहीं हटेगा।
मंगलवार को मॉस्को में एक निवेश मंच पर बोलते हुए पुतिन ने कहा कि यदि यूरोपीय देश अचानक रूस के खिलाफ युद्ध शुरू करते हैं, तो रूस पूरी तरह तैयार है। यह बयान ऐसे समय आया है जब यूक्रेन संकट को लेकर अमेरिका, रूस, यूक्रेन और यूरोपीय देशों के बीच कूटनीतिक बातचीत तेज़ हो रही है।
पुतिन ने स्पष्ट किया कि उनकी चेतावनी आक्रामक नहीं बल्कि तैयारी और प्रतिरोध की नीति को दर्शाती है। उन्होंने दोहराया कि रूस का उद्देश्य यूरोप पर हमला करना नहीं है।
वहीं, यूरोपीय देश काफी समय से आशंका जता रहे हैं कि रूस की महत्वाकांक्षाएं यूक्रेन तक सीमित नहीं हैं। फरवरी 2022 में यूक्रेन पर रूस के बड़े पैमाने पर हमले के बाद, यूरोपीय देशों को रक्षा खर्च बढ़ाने, यूक्रेन को सैन्य और मानवीय सहायता देने के साथ-साथ अपनी सुरक्षा रणनीतियों में बदलाव करना पड़ा है।
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पुतिन ने यूरोपीय सरकारों पर अमेरिका की अगुवाई वाली शांति कोशिशों को कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यूरोप के पास शांति का कोई एजेंडा नहीं है और वह युद्ध का समर्थन कर रहा है। पुतिन का दावा है कि यूरोपीय देशों ने बातचीत के मसौदों में रूस के लिए पूरी तरह अस्वीकार्य मांगें जोड़ी हैं, जिससे समझौते की प्रक्रिया बाधित हो रही है।
बढ़ते तनाव के बीच मॉस्को पहुंचा अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल
इसी बीच अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल मॉस्को पहुंचा है। क्रेमलिन में पुतिन ने अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ और राष्ट्रपति सलाहकार जारेड कुश्नर से मुलाकात की। बैठक का उद्देश्य वॉशिंगटन और मॉस्को के बीच संशोधित शांति रूपरेखा को आगे बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा करना था।
बैठक से पहले विटकॉफ ने मॉस्को को “शानदार शहर” बताया और कहा कि उन्होंने शहर में कुछ समय बिताया। यह दौरा ऐसे समय हुआ है जब ट्रंप प्रशासन अपने शांति प्रस्ताव को संशोधित (Russia ready for war) करने में जुटा है। यूक्रेन और यूरोपीय देशों ने पहले प्रस्ताव को रूस के पक्ष में झुका हुआ बताया था।
रविवार को फ्लोरिडा में अमेरिकी और यूक्रेनी अधिकारियों की बैठक में शुरुआती 28 बिंदुओं वाले प्रस्ताव को घटाकर 20 बिंदुओं तक लाया गया। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने बातचीत को सकारात्मक बताया, लेकिन कहा कि अभी और प्रयास करने होंगे।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा कि संशोधित ढांचा पहले जिनेवा में तैयार किए गए दस्तावेज़ पर आधारित है और अब इसे अंतिम रूप दे दिया गया है।
हालांकि, यूरोपीय देशों को इस प्रक्रिया से अलग किए जाने पर नाराज़गी है। यूरोपीय नेताओं का कहना है कि किसी भी शांति समझौते की आर्थिक और सुरक्षा जिम्मेदारी उन्हीं पर होगी, इसलिए सभी फैसलों में उनकी भूमिका अहम होनी चाहिए।
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