महिलाओं को जेंडर चॉइस और ड्राइवरों को मिलेगी पूरी टिप
नई दिल्ली: सरकार ने ‘मोटर वाहन एग्रीगेटर(OLA-UBER) गाइडलाइन्स 2025’ के तहत अब एप में जेंडर चुनने का विकल्प अनिवार्य कर दिया है। इसके तहत महिला यात्री अब फीमेल ड्राइवर के साथ सफर करने का चुनाव कर सकेंगी। हालांकि, वर्तमान में महिला ड्राइवरों(Female Drivers) की संख्या 5% से भी कम है, जिससे वेटिंग टाइम बढ़ने की चुनौती सामने आ सकती है, लेकिन सुरक्षा के नजरिए से यह एक क्रांतिकारी कदम माना जा रहा है।
ड्राइवरों के लिए टिपिंग के नए नियम
अब यात्री अपनी खुशी से ड्राइवर को जो भी टिप देंगे, वह पूरी की पूरी राशि ड्राइवर के खाते में जाएगी। कैब कंपनियां इसमें से किसी भी तरह(OLA-UBER) का कमीशन नहीं काट सकेंगी। पारदर्शिता(Transparency) बनाए रखने के लिए यह विकल्प केवल ट्रिप खत्म होने के बाद ही एप पर दिखाई देगा। कंपनियों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे टिप के लिए किसी भी भ्रामक या ‘मैनिपुलेटिव’ तरीके का इस्तेमाल न करें।
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किराये में राहत और सर्ज प्राइसिंग पर लगाम
नई गाइडलाइन्स में यात्रियों की जेब का भी ख्याल रखा गया है। अब कंपनियां ‘सर्ज प्राइसिंग’ के नाम पर मनमाना किराया नहीं वसूल सकेंगी, पीक ऑवर्स में भी किराया(OLA-UBER) बेस फेयर के दोगुने से ज्यादा नहीं हो सकता। साथ ही, ‘डेड माइलेज’ यानी ड्राइवर के पिकअप पॉइंट तक आने का खर्च अब यात्रियों से नहीं वसूला जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वाली कंपनियों के लाइसेंस भी रद्द किए जा सकते हैं।
क्या महिला यात्री के लिए हमेशा महिला ड्राइवर ही आएगी?
नियम के अनुसार, एप में जेंडर चुनने की सुविधा अनिवार्य होगी, लेकिन यह ड्राइवर की उपलब्धता पर निर्भर करेगा। चूंकि अभी महिला ड्राइवरों की संख्या बहुत कम है, इसलिए यह विकल्प तभी काम करेगा जब आसपास कोई महिला ड्राइवर मौजूद हो।
क्या टिप का पैसा देने से किराए पर कोई असर पड़ेगा?
नहीं, टिप पूरी तरह से यात्री की स्वैच्छिक इच्छा पर निर्भर है। कंपनियां(OLA-UBER) बुकिंग के समय या सफर के दौरान टिप के लिए दबाव नहीं डाल सकतीं और न ही इसे पहले से किराए में जोड़ सकती हैं। यह सुविधा केवल बेहतर सर्विस के प्रोत्साहन के रूप में सफर के बाद उपलब्ध होगी।
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