Eesha movie review : ईशा एक तेलुगु हॉरर थ्रिलर है, जिसे दर्शकों को थिएटर से बाहर निकलने के बाद भी डराने वाली फिल्म के रूप में प्रचारित किया गया था। आज रिलीज़ हुई इस फिल्म पर एक नज़र डाल
नयना (हेबा पटेल), अपर्णा (सिरी हनुमंथ), कल्याण (अधित अरुण) और विनय (अलहिल राज उद्देमारी) – चार दोस्त नकली बाबाओं का पर्दाफाश करने निकलते हैं, जो मासूम लोगों को ठगते हैं। उनकी जांच उन्हें आंध्र–ओडिशा सीमा पर रहने वाले आदी देव (बबलू पृथ्वीराज) तक ले जाती है, जो पहले अमेरिका में न्यूरोलॉजिस्ट था और अब खुद को भगवान बताता है।
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आदी देव उन्हें चुनौती देता है कि अगर वे तीन रातें एक (Eesha movie review) सुनसान और कथित भूतिया घर में बिताकर साबित कर दें कि आत्माएं नहीं होतीं, तो वह अपने धोखेबाज़ी के धंधे को छोड़ देगा। दोस्त यह चुनौती स्वीकार करते हैं, लेकिन वहां उन्हें अजीब और डरावनी घटनाओं का सामना करना पड़ता है। आगे क्या होता है, यही फिल्म की कहानी है।
निर्देशक श्रीनिवास मन्ने अंत में एक अलग विचार को हॉरर के ज़रिये पेश करने की कोशिश करते हैं, जो क्लाइमैक्स में कुछ हद तक असरदार साबित होता है। साउंड डिजाइन – चरमराती आवाज़ें, अचानक तेज़ ध्वनियां और बैकग्राउंड स्कोर – कुछ दृश्यों में डर का माहौल बनाते हैं।
फिल्म का प्रचार जितना डरावना था, फिल्म उतनी प्रभावी नहीं बन पाती। कहानी पुरानी हॉरर फिल्मों की तरह चलती है और पहले हाफ़ में गति बहुत धीमी है। ज़्यादातर डराने वाले दृश्य केवल जंप स्केयर्स और तेज़ आवाज़ों पर टिके हैं, जिससे असली डर महसूस नहीं होता। कहानी में गहराई और पकड़ की कमी साफ़ नज़र आती है।
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