हैदराबाद। तिरुमला श्रीवारी मंदिर में मंगलवार को प्रतिष्ठित वैकुण्ठ द्वार दर्शन का भव्य उद्घाटन किया गया। मंदिर परिसर भक्तों के गोविन्द (Govinda) नाम की गूंज से गुंजायमान रहा। श्री वेंकटेश्वर के दर्शन के बाद श्रद्धालुओं ने वैकुण्ठ द्वार से प्रवेश किया। टीटीडी (TTD) के अध्यक्ष बी.आर. नायडू, कार्यकारी अधिकारी श्री अनिल कुमार सिंघल और अतिरिक्त कार्यकारी अधिकारी श्री च. वेंकैय्या चौधरी ने मंदिर और बाहरी कतार व्यवस्थाओं का व्यक्तिगत निरीक्षण किया। उन्होंने भक्तों से बातचीत कर उनकी प्रतिक्रिया भी ली।
भक्तों ने टीटीडी द्वारा किए गए विशेष इंतजामों पर खुशी जताई
टीटीडी अध्यक्ष बी.आर. नायडू ने मीडिया से बातचीत में कहा कि भक्तों को किसी भी असुविधा का सामना न करना पड़े, इसके लिए अभूतपूर्व व्यवस्थाएँ की गई हैं। उन्होंने कहा कि वैकुण्ठ द्वार दर्शन सुचारू रूप से चल रहा है और भक्त व्यवस्थाओं से अत्यंत संतुष्ट हैं। टीटीडी कार्यकारी अधिकारी श्री अनिल कुमार सिंघल ने बताया कि वैकुण्ठ द्वार सुबह 12.05 बजे खोले गए। इसके बाद पुरोहितों ने दैनिक अनुष्ठान किए और फिर दर्शन शुरू हुआ।
केवल ई-डिप टोकन वाले भक्तों को दर्शन की सुविधा
मुख्यमंत्री नारा चंद्रबाबू नायडू के निर्देशानुसार, वैकुण्ठ द्वार दर्शन के दौरान सामान्य भक्तों को प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने बताया कि पहले तीन दिनों के लिए केवल ई-डिप टोकन वाले भक्तों को दर्शन की सुविधा रहेगी। टोकन न रखने वाले भक्त 2 जनवरी से 8 जनवरी तक सर्व दर्शन कतार में वैकुण्ठ द्वार दर्शन कर सकते हैं। टीटीडी के दिशानिर्देशों का पालन कर भक्त आसानी से दर्शन कर सकते हैं। सुरक्षा के लिए लगभग 3,500 पुलिस और सतर्कता कर्मियों की तैनाती की गई है। एआई कमांड कंट्रोल सेंटर के माध्यम से निरंतर निगरानी की जा रही है। टोकनधारियों को पहले तीन दिनों में अपने समय स्लॉट का सख्ती से पालन करने की सलाह दी गई है।

भक्तों की बड़ी संख्या ने रथ खींचने में भाग लिया
वैकुण्ठ एकादशी के अवसर पर मंगलवार को स्वर्ण रथ समारोह का आयोजन तिरुमला में भव्य रूप से किया गया। सुबह 9 बजे से 10.30 बजे तक मलयप्पा स्वामी की रथारंग दौलत माडा स्ट्रीट्स में संपन्न हुई, जिसने भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया। भक्तों की बड़ी संख्या ने रथ खींचने में भाग लिया। इस शुभ अवसर पर तिरुमला श्रीविरि मंदिर में सभी अर्जित सेवाएँ रद्द कर दी गईं।
श्रीविरि मंदिर में शानदार पुष्प सज्जा
मंदिर में पुष्प सज्जा ने भक्तों का मन मोह लिया। महाद्वार से लेकर ध्वजस्तंभ और वैकुण्ठ द्वार तक मंदिर को फलों, रंग-बिरंगे फूलों और पत्तियों से पारंपरिक रूप से सजाया गया। भक्तों को दिव्य अनुभव देने के लिए विशेष इंतजाम किए गए। दस दिनों के लिए लगभग 50 टन पारंपरिक फूल, 10 टन फल और 4 टन कटे हुए फूल सजावट में उपयोग किए जा रहे हैं।
श्री रंगनाथ स्वामी मंदिर की व्यवस्था
श्रीविरि मंदिर के निकट स्थापित श्री रंगनाथ स्वामी मंदिर का सेटअप भक्तों को अत्यधिक आकर्षित कर रहा है। इसे टीटीडी गार्डन विभाग के उप निदेशक श्री श्रीनिवासुलु की देखरेख में दाताओं के सहयोग से सजाया गया है। वैकुण्ठ द्वादशी पर श्री सुदर्शन चक्रथल्वर का चक्र स्नान बुधवार को सुबह 4.30 बजे से 5.30 बजे तक श्री स्वामी पुष्करिणी में संपन्न होगा। ऐसा माना जाता है कि इस शुभ समय पर पवित्र स्नान करने वाले भक्तों को तिरुमला के शेषाचल पर्वत के 66 करोड़ तीर्थों के स्नान के समान पुण्य प्राप्त होगा।
टीटीडी क्या है?
टीटीडी (TTD) का पूरा नाम तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (Tirumala Tirupati Devasthanams) है।
यह एक धार्मिक ट्रस्ट है जो आंध्र प्रदेश में स्थित तिरुमला के श्री वेंकटेश्वर (बालाजी) मंदिर और उससे जुड़े सभी मंदिरों, पूजा-पाठ, भक्तों की सुविधाओं, दान-व्यवस्था और प्रशासन का प्रबंधन करता है।
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