आंध्र प्रदेश में ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन (ONGC) की एक पाइपलाइन में लीक होने की घटना सामने आई है। लीक के बाद लगी भीषण आग ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया।
आग की लपटों से दहशत
दूर-दूर तक दिखी आग, लोगों में भय- पाइपलाइन से गैस या तेल रिसाव के बाद आग तेजी से फैल गई। आग की ऊंची लपटें दूर से ही दिखाई दे रही थीं, जिससे आसपास के गांवों में रहने वाले लोग भयभीत हो गए।
आंध्र प्रदेश के कोनासीमा जिले में ओएनजीसी की (ONGC)) पाइपलाइन से हुए भीषण गैस रिसाव के बाद आग भड़क उठी, जिससे आसपास के गांवों में दहशत फैल गई. एहतियातन कई गांव खाली कराए गए हैं और सैकड़ों नारियल के पेड़ जल गए।
कोनासीमा जिले में ओएनजीसी पाइपलाइन से बड़े पैमाने पर गैस रिसाव
आंध्र प्रदेश के कोनासीमा जिले (Konaseema district) में ओएनजीसी पाइपलाइन से बड़े पैमाने पर गैस रिसाव हुआ है. मलिकिपुरम मंडल के इरुसमांडा के पास हुए इस भीषण गैस रिसाव से आसपास के गांव भी धुएं की चपेट में आ गए हैं. आग तेजी से फैली. आग लगते ही गांव के लोगों ने ओएनजीसी अधिकारियों को घटना की सूचना दे दी. पाइपलाइन से हुए इस भीषण गैस रिसाव से स्थानीय लोग दहशत में हैं. एहतियात के तौर पर अधिकारियों ने आस-पास के गांवों को खाली करवा लिया है।
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इधर, पाइपलाइन में गैस के रिसाव से भड़की आग में सैकड़ों नारियल के पेड़ जल गए. अधिकारियों से सूचना मिलने के बाद ओएनजीएल के कर्मचारी भी मौके पर पहुंचे हैं. अधिकारियों का कहना है कि एक निजी कंपनी ने 10 दिन पहले गैस भंडारों पर काम शुरू किया था।
इस बीच सूबे के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने गैस दुर्घटना की जानकारी ली है. उन्होंने अधिकारियों को राहत कार्यों में तेजी लाने के आदेश दिए हैं. उन्होंने आसपास रहने वाले लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की सलाह दी है. वहीं दूसरी ओर, गैस रिसाव के मद्देनजर आसपास के गांवों में घोषणाएं की जा रही हैं, जिसमें लोगों से सावधानी बरतने का आग्रह किया जा रहा है।
ONGC भारत में कहाँ स्थित है?
दिल्ली में मुख्यालय वाली ओएनजीसी भारत सरकार के स्वामित्व और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के प्रशासन के अधीन है। इसकी स्थापना भारत सरकार द्वारा 14 अगस्त 1956 को की गई थी।
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