तेहरान । ईरान में दो हफ्ते से जारी महंगाई विरोधी आंदोलन का स्वरूप हिंसक हो गया है। सरकार की चेतावनी के बावजूद शनिवार-रविवार को सड़कों पर बड़ी संख्या में लोग उतरे। राजधानी तेहरान (Tehran) सहित 100 से ज्यादा शहरों में विरोध प्रदर्शनों, फायरिंग, तोड़फोड़ और आगजनी में सुरक्षा बल और प्रदर्शनकारियों के टकराव में 538 लोग मारे गए। इनमें 48 सुरक्षा कर्मी शामिल हैं। तस्नीम एजेंसी के अनुसार 109 सुरक्षाकर्मी मारे गए। देश में अब तक 10,670 लोगों को गिरफ्तार किया गया है
अंतरराष्ट्रीय नजरें ईरान पर
ईरान में बिगड़ते हालात पर अमेरिका कड़ी नजर रखे हुए है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald trump) ने कहा कि वह शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे ईरानी लोगों की मदद के लिए तैयार हैं। वहीं ईरान सरकार ने चेतावनी दी कि किसी भी अमेरिकी हमले की स्थिति में वह नजदीकी अमेरिकी ठिकानों और इजरायल पर जवाबी कार्रवाई करेगी। इजरायल में सेना हाई अलर्ट पर है। यूरोपीय संघ की प्रमुख उर्सला वान डेर लिएन ने प्रदर्शनकारी ईरानी लोगों का समर्थन किया।
ईरान सरकार का सख्त रुख
राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने कहा कि सरकार शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों से बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन दंगाइयों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने अमेरिका और इजरायल (America and Israel) को देश में अशांति के लिए जिम्मेदार ठहराया। प्रोसीक्यूटर जनरल मुहम्मद मुवाहेदी आजाद ने तोड़फोड़ और आगजनी में गिरफ्तार लोगों की सुनवाई तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हिंसा करने वालों के लिए देश के संविधान के तहत मौत की सजा है। रिवोल्यूशनरी गार्ड ने प्रदर्शनकारियों को चेताया कि हिंसा और अराजकता से दूर रहें।

रजा पहलवी की वापसी की तैयारी
ईरान के अपदस्थ शाह रजा पहलवी ने कहा कि कट्टरपंथी इस्लामिक सत्ता कमजोर हो रही है और लोग बदलाव चाहते हैं। अमेरिका में मौजूद पहलवी ने ईरान लौटने की तैयारी शुरू कर दी है। इस बीच राजधानी तेहरान समेत अन्य शहरों में उनके समर्थन में शाह की वापसी की मांग वाले पोस्टर और नारे दिखाई दे रहे हैं।
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