डीआरएम ने संक्रांति के मद्देनज़र निरीक्षण किया
हैदराबाद। संक्रांति पर्व के अवसर पर यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए दक्षिण मध्य रेलवे, हैदराबाद मंडल के मंडलीय रेल प्रबंधक संतोष कुमार वर्मा ने सोमवार को काचीगुड़ा रेलवे स्टेशन (Kachiguda Railway Station) पर भीड़ प्रबंधन व्यवस्था की व्यापक समीक्षा और निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान डीआरएम (DRM) ने स्टेशन के प्रवेश एवं निकास द्वारों, टिकट बुकिंग काउंटरों, प्लेटफॉर्मों, फुट ओवर ब्रिजों, प्रतीक्षालयों और सर्कुलेटिंग एरिया में यात्रियों की आवाजाही का बारीकी से अवलोकन किया। विशेष रूप से भीड़ के समय यात्रियों की सुरक्षित और सुचारू आवाजाही तथा कर्मचारियों की प्रभावी तैनाती पर जोर दिया गया।
समन्वय और तत्परता को मजबूत करने के निर्देश
इस अवसर पर वरिष्ठ मंडलीय वाणिज्य प्रबंधक डॉ. अनिरुद्ध पामर जेड, वरिष्ठ मंडलीय परिचालन प्रबंधक वी. विद्याधर, वरिष्ठ मंडलीय सुरक्षा आयुक्त देबाशीष सी. बनर्जी, मंडलीय अभियंता (दक्षिण) अरुण कुमार शर्मा सहित अन्य अधिकारी डीआरएम के साथ मौजूद रहे। अधिकारियों ने स्टेशन निदेशक एस. नागेश्वर राव, स्टेशन प्रबंधक श्री अनिल तथा रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के कर्मचारियों से बातचीत कर समन्वय और तत्परता को मजबूत करने के निर्देश दिए। डीआरएम ने स्टेशन पर संकेतक बोर्ड, सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली, कतार प्रबंधन और बैरिकेडिंग व्यवस्था की भी समीक्षा की, ताकि अधिक भीड़ से बचाव हो और यात्रियों की आवाजाही सुव्यवस्थित बनी रहे। संतोष कुमार वर्मा ने स्पष्ट किया कि यात्री सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और अधिकारियों को सतर्क, सक्रिय तथा किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए।
सहयोगात्मक सहायता प्रदान करने का भी आह्वान
उन्होंने कर्मचारियों से वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं, बच्चों और दिव्यांग यात्रियों को विनम्र एवं सहयोगात्मक सहायता प्रदान करने का भी आह्वान किया। हैदराबाद मंडल ने काचीगुड़ा स्टेशन पर यात्रियों को सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा अनुभव उपलब्ध कराने के लिए अतिरिक्त स्टाफ की तैनाती, सीसीटीवी कैमरों से निरंतर निगरानी तथा स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय जैसी उन्नत भीड़ प्रबंधन व्यवस्थाएं लागू की हैं। अधिकारियों ने बताया कि स्टेशन की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और यात्रियों की आवाजाही को सुचारू बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
भारत में ट्रेन का संचालन कब हुआ था?
देश में रेल यात्रा की शुरुआत 16 अप्रैल 1853 को हुई थी। उस दिन पहली यात्री ट्रेन बॉम्बे (वर्तमान मुंबई) के बोरीबंदर स्टेशन से ठाणे तक चलाई गई थी। यह ट्रेन लगभग 34 किलोमीटर की दूरी तय करती थी। इस घटना को भारतीय रेलवे के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जाता है, जिससे परिवहन और व्यापार को नई गति मिली।
भारत में रेल का संचालन कौन करता है?
भारतीय रेलवे के नाम से जानी जाने वाली संस्था पूरे देश में रेल संचालन की जिम्मेदारी संभालती है। यह संगठन भारत सरकार के रेल मंत्रालय के अंतर्गत कार्य करता है। ट्रेन संचालन, पटरियों का रखरखाव, यात्रियों की सुविधा, माल परिवहन और सुरक्षा जैसे सभी कार्य इसी के माध्यम से किए जाते हैं। भारतीय रेलवे दुनिया के सबसे बड़े रेल नेटवर्क में से एक है।
2016 में रेलवे द्वारा चलाई गई एक ट्रेन का नाम क्या था?
तेज रफ्तार और आधुनिक सुविधाओं के लिए जानी जाने वाली गतिमान एक्सप्रेस वर्ष 2016 में शुरू की गई थी। यह ट्रेन नई दिल्ली और आगरा के बीच चलाई गई थी। उस समय इसे भारत की सबसे तेज ट्रेन माना गया। इसका उद्देश्य पर्यटन को बढ़ावा देना और यात्रियों को बेहतर व तेज रेल सेवा प्रदान करना था।
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