व्हाइट हाउस में मुलाकात और पदक का हस्तांतरण
वाशिंगटन: वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो(Machado) ने हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से व्हाइट हाउस में मुलाकात की। इस बैठक के दौरान मचाडो ने अपना नोबेल शांति पुरस्कार का मेडल ट्रम्प को भेंट कर सबको चौंका दिया। मचाडो ने इसे वेनेजुएला के लोगों के लिए एक ‘ऐतिहासिक दिन’(Historic Day)बताया। हालांकि, ट्रम्प ने अब तक मचाडो को वेनेजुएला की नई नेता के रूप में आधिकारिक समर्थन नहीं दिया है, लेकिन उन्होंने मचाडो को एक “अद्भुत और साहसी महिला” कहकर उनकी सराहना की है।
ऐतिहासिक प्रतीकों का हवाला और भाईचारे का संदेश
मचाडो ने ट्रम्प को मेडल देते समय 1825 की एक ऐतिहासिक घटना का उदाहरण दिया, जब मार्क्विस डे लाफायेट ने जॉर्ज वॉशिंगटन(George Washington) की तस्वीर वाला मेडल दक्षिण अमेरिकी नायक साइमन बोलिवर को भेजा था। मचाडो के अनुसार, आज वेनेजुएला(Machado) के लोगों ने उसी ‘वॉशिंगटन के उत्तराधिकारी’ (ट्रम्प) को नोबेल मेडल लौटाकर स्वतंत्रता की साझा लड़ाई और दोनों देशों के बीच भाईचारे का सम्मान किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि वेनेजुएला की जनता राष्ट्रपति ट्रम्प पर पूरा भरोसा कर सकती है।
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नोबेल संस्थान की स्थिति और नियम
इस घटनाक्रम पर नोबेल संस्थान ने स्पष्ट किया है कि पदक (मेडल) सोने का बना एक भौतिक पुरस्कार है, जिसे मालिक अपनी इच्छा से किसी को गिफ्ट कर सकता है या बेच सकता है। हालांकि, ‘नोबेल पुरस्कार विजेता'(Machado)की उपाधि हस्तांतरित नहीं की जा सकती। संस्थान के नियमों के अनुसार, एक बार विजेता घोषित होने के बाद उसे बदला या रद्द नहीं किया जा सकता है। अक्टूबर 2025 में मचाडो को तानाशाही के खिलाफ शांतिपूर्ण लड़ाई के लिए इस सम्मान से नवाजा गया था।
मारिया कोरिना मचाडो ने अपना नोबेल मेडल डोनाल्ड ट्रम्प को क्यों सौंपा?
मचाडो ने इसे एक प्रतीकात्मक कदम(Machado) बताया है। उन्होंने 200 साल पहले जॉर्ज वॉशिंगटन और साइमन बोलिवर के बीच हुए मेडल के आदान-प्रदान का उदाहरण देते हुए इसे अमेरिका और वेनेजुएला के बीच ‘स्वतंत्रता की साझा लड़ाई’ और भाईचारे का प्रतीक बताया। वे इसके माध्यम से वेनेजुएला में लोकतंत्र की बहाली के लिए ट्रम्प का भरोसा और समर्थन जीतना चाहती हैं।
क्या डोनाल्ड ट्रम्प अब आधिकारिक रूप से ‘नोबेल शांति पुरस्कार विजेता’ बन गए हैं?
नहीं, ट्रम्प ‘नोबेल विजेता’ की उपाधि नहीं ले सकते। नोबेल संस्थान के नियमों के मुताबिक, पुरस्कार की उपाधि और सम्मान केवल मूल विजेता (मचाडो) के पास ही रहेगा। हालांकि, वह पदक (जो सोने का बना है) अब ट्रम्प की निजी संपत्ति हो सकता है क्योंकि पदक को उपहार के रूप में दिया जा सकता है, लेकिन विजेता का नाम और रिकॉर्ड नहीं बदला जा सकता।
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