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Asia: एशिया मैन्युफैक्चरिंग इंडेक्स 2026

Dhanarekha
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Asia: एशिया मैन्युफैक्चरिंग इंडेक्स 2026

वैश्विक हब बनने की दौड़ में भारत छठे स्थान पर

नई दिल्ली: एशिया मैन्युफैक्चरिंग इंडेक्स (AMI) 2026 की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, भारत 11 प्रमुख एशियाई(Asia) देशों की सूची में छठे स्थान पर बना हुआ है। हालांकि भारत ‘मेक इन इंडिया’ के माध्यम से खुद को एक ग्लोबल हब के रूप में पेश कर रहा है, लेकिन चीन अब भी नंबर-1 पर अपनी बादशाहत कायम रखे हुए है। इस बार की रिपोर्ट में सबसे चौंकाने वाला बदलाव मलेशिया का रहा है, जिसने वियतनाम(Vietnam) को पछाड़कर दूसरा स्थान हासिल किया है। भारत इस समय वियतनाम, सिंगापुर और दक्षिण कोरिया जैसे देशों से पीछे चल रहा है, जो यह दर्शाता है कि क्षेत्रीय प्रतिस्पर्धा काफी कड़ी हो गई है

भारत की ताकत और बुनियादी चुनौतियां

भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी विशाल वर्कफोर्स (कार्यबल) और तेजी से बढ़ता घरेलू बाजार है। पीएलआई (PLI) स्कीम जैसी सरकारी नीतियों ने इलेक्ट्रॉनिक्स और फार्मा जैसे क्षेत्रों में निवेश को आकर्षित किया है। हालांकि, रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि केवल सस्ता श्रम ही काफी नहीं है। भारत को अभी भी इन्फ्रास्ट्रक्चर, उच्च लॉजिस्टिक्स लागत और जटिल टैक्स नीतियों जैसी बाधाओं को पार करना होगा। भ्रष्टाचार और संस्थागत स्थिरता के पैमानों पर भारत(Asia) को अपने प्रतिस्पर्धियों की तुलना में कम अंक मिले हैं, जो विदेशी निवेशकों के लिए चिंता का विषय हो सकते हैं।

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भविष्य की राह और सुधार के आवश्यक कदम

भारत का लक्ष्य वित्त वर्ष 2026 तक 1 ट्रिलियन डॉलर की मैन्युफैक्चरिंग इकोनॉमी बनने का है। इस लक्ष्य को पाने के लिए विशेषज्ञों का मानना है कि भारत को अपने डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर और स्किल डेवलपमेंट पर विशेष ध्यान देना होगा। यदि भारत(Asia) अपनी रेगुलेटरी प्रक्रियाओं को आसान बनाता है और लॉजिस्टिक्स की लागत में कमी लाता है, तो वह आने वाले वर्षों में वियतनाम और मलेशिया जैसे देशों को कड़ी टक्कर देकर शीर्ष 3 में जगह बना सकता है। भविष्य में भारत की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि वह ‘इज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को जमीनी स्तर पर कितना प्रभावी बनाता है।

एशिया मैन्युफैक्चरिंग इंडेक्स में भारत के पिछड़ने के मुख्य कारण क्या हैं?

भारत के पिछड़ने के मुख्य कारणों में इन्फ्रास्ट्रक्चर की कमी, जटिल टैक्स नियम और उच्च लॉजिस्टिक्स लागत शामिल हैं। इसके अलावा, रिपोर्ट में भ्रष्टाचार की धारणा और संस्थागत स्थिरता के मामले में भी भारत को अपने प्रतिस्पर्धी एशियाई देशों की तुलना में कम स्कोर मिला है।

मलेशिया ने इस बार वियतनाम को पीछे छोड़कर दूसरा स्थान कैसे हासिल किया?

मलेशिया(Asia) ने बिजनेस एनवायरनमेंट, बेहतर इन्फ्रास्ट्रक्चर और स्थिर टैक्स पॉलिसी जैसे मानकों पर बेहतर प्रदर्शन किया है। उसकी बेहतर लॉजिस्टिक्स क्षमताओं और निवेश अनुकूल वातावरण ने उसे वियतनाम से आगे निकलने और चीन के बाद एशिया में दूसरा सबसे पसंदीदा मैन्युफैक्चरिंग डेस्टिनेशन बनने में मदद की।

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