पीएम तकाइची ने भंग की संसद, 8 फरवरी को होंगे चुनाव
टोक्यो: जापान(Japan) की पहली महिला प्रधानमंत्री साने तकाइची ने शुक्रवार, 23 जनवरी 2026 को संसद के निचले सदन (House of Representatives) को भंग करने की औपचारिक घोषणा कर दी। इसके साथ ही देश में मध्यावधि चुनावों का बिगुल बज गया है। ये चुनाव अब निर्धारित समय से लगभग तीन साल पहले यानी 8 फरवरी 2026 को संपन्न होंगे।
जनादेश की तलाश: तकाइची का राजनीतिक दांव
अक्टूबर 2025 में प्रधानमंत्री बनने के बाद साने तकाइची की यह पहली बड़ी लोकतांत्रिक परीक्षा होगी। वर्तमान में उनकी पार्टी लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (LDP) और गठबंधन सहयोगी ‘जापान इनोवेशन पार्टी’ के पास सदन में बहुत मामूली बहुमत (केवल 1 सीट ज्यादा) है। तकाइची(Japan) का मानना है कि उन्हें अपनी आर्थिक और सुरक्षा नीतियों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए जनता से ‘प्रत्यक्ष और मजबूत जनादेश’ की आवश्यकता है।
समय से पहले चुनाव: 2028 के बजाय 2026
जापान में निचले सदन का कार्यकाल 4 वर्ष का होता है और पिछला चुनाव अक्टूबर 2024 में हुआ था। इस लिहाज से अगला चुनाव 2028 में होना चाहिए था, लेकिन प्रधानमंत्री(Japan) ने अपनी शक्तियों का उपयोग करते हुए इसे 3 साल पहले ही बुला लिया है। विपक्षी दलों ने इस फैसले की आलोचना करते हुए इसे ‘राजनीतिक अवसरवाद’ बताया है, क्योंकि उनका तर्क है कि सरकार को चुनाव के बजाय आगामी बजट पर ध्यान देना चाहिए था।
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प्रमुख मुद्दे: महंगाई और रक्षा खर्च
इस चुनाव में मुख्य मुकाबला सत्ताधारी गठबंधन और हाल ही में बने विपक्षी समूह ‘सेंट्रिस्ट रिफॉर्म एलायंस’ के बीच होगा। चुनाव के केंद्र में महंगाई(Japan), खाद्य पदार्थों पर टैक्स में कटौती और चीन के साथ बढ़ते तनाव के बीच रक्षा बजट जैसे मुद्दे रहने वाले हैं। तकाइची ने वादा किया है कि वे जनता को महंगाई से राहत देने के लिए टैक्स सुधारों पर जोर देंगी।
प्रधानमंत्री साने तकाइची ने संसद को समय से पहले भंग करने का निर्णय क्यों लिया?
प्रधानमंत्री तकाइची के पास संसद में बहुत कम बहुमत है, जिससे कानून पारित करने में कठिनाई होती है। वे अपनी ‘आक्रामक’ आर्थिक नीतियों और नई सुरक्षा रणनीति(Japan) के लिए जनता से एक स्पष्ट और मजबूत समर्थन हासिल करना चाहती हैं।
जापान के आगामी चुनावों के लिए क्या महत्वपूर्ण तारीखें तय की गई हैं?
संसद के निचले सदन को 23 जनवरी 2026 को भंग किया गया है। आधिकारिक चुनाव अभियान 27 जनवरी से शुरू होगा और मतदान 8 फरवरी 2026 को होगा।
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