क्रिकेट का अनमोल खजाना
स्पोर्ट्स डेस्क: सर डॉन ब्रेडमैन(Bradman) की यह कैप इसलिए खास है क्योंकि उन्होंने इसे 1947-48 में आजाद भारत के खिलाफ खेली गई पहली टेस्ट सीरीज के दौरान पहना था। सीरीज खत्म होने के बाद ब्रेडमैन ने यह कैप भारतीय तेज गेंदबाज श्रीरंगा सोहनी(Sriranga Sohni) को तोहफे में दी थी। सोहनी परिवार ने इस ऐतिहासिक धरोहर को करीब 75 साल तक दुनिया की नजरों से दूर एक तिजोरी में सुरक्षित रखा था। परिवार में नियम था कि कोई भी सदस्य 16 साल का होने पर ही इसे सिर्फ 5 मिनट के लिए देख सकता था।
मैदान की प्रतिद्वंद्विता और दोस्ती की निशानी
श्रीरंगा सोहनी वही गेंदबाज थे जिन्होंने आजाद भारत के क्रिकेट इतिहास की पहली गेंद फेंकी थी। भले ही उस मैच में उन्हें विकेट नहीं मिला, लेकिन ब्रेडमैन(Bradman) ने उनके खेल और जज्बे(Emotions) का सम्मान करते हुए अपनी यादगार कैप उन्हें भेंट कर दी। इस कैप के अंदर ब्रेडमैन और सोहनी दोनों के नाम लिखे हुए हैं, जो उस दौर के खिलाड़ियों के बीच आपसी सम्मान और खेल भावना की एक खूबसूरत मिसाल पेश करते हैं।
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नीलामी के इतिहास में ब्रेडमैन का दबदबा
गोल्ड कोस्ट में हुई इस नीलामी में एक अनाम खरीदार ने इसे 4.60 लाख ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में खरीदा। हालांकि सबसे महंगी कैप का रिकॉर्ड आज भी शेन वॉर्न (₹5.90 करोड़) के नाम है, लेकिन ब्रेडमैन(Bradman) की इस कैप की कीमत और इसका भारतीय कनेक्शन इसे अद्वितीय बनाता है। 1947-48 की उस सीरीज में ब्रेडमैन ने भारत के खिलाफ 178.75 की औसत से 715 रन बनाए थे, जो आज भी एक रिकॉर्ड की तरह देखा जाता है।
डॉन ब्रेडमैन ने अपनी कैप भारतीय खिलाड़ी श्रीरंगा सोहनी को ही क्यों दी थी?
श्रीरंगा सोहनी ने 1947-48 की ऐतिहासिक सीरीज में आजाद भारत की ओर से पहली गेंद फेंकी थी। उस सीरीज के दौरान ब्रेडमैन(Bradman) सोहनी के प्रदर्शन और उनके खेल के प्रति समर्पण से प्रभावित थे, इसलिए उन्होंने मित्रता के तौर पर अपनी कैप उन्हें गिफ्ट की थी।
क्या यह ब्रेडमैन की अब तक की सबसे महंगी नीलाम हुई कैप है?
नहीं, यह उनकी दूसरी सबसे महंगी कैप है। इससे पहले उनकी 1928 की ‘डेब्यू’ कैप 2020 में करीब ₹2.65 करोड़ में बिकी थी। क्रिकेट इतिहास में सबसे महंगी कैप का रिकॉर्ड अभी भी शेन वॉर्न के नाम है।
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