हैदराबाद। उपमुख्यमंत्री (Deputy Chief Minister) भट्टी विक्रमार्का ने कहा कि यह अन्याय है कि तेलंगाना को 53.47 लाख करोड़ रुपये के केंद्रीय बजट में कोई आवंटन नहीं मिला, जिसे रविवार को संसद में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने पेश किया। भट्टी ने कहा कि मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी, मंत्रियों और सांसदों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री से बार-बार मुलाकात कर राज्य के हितों और विकास के लिए अनुरोध प्रस्तुत किए, लेकिन बजट में तेलंगाना के लिए कोई प्रावधान न होना गहरी निराशा का कारण है।
बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए केंद्रीय फंडिंग की उम्मीद रही
प्रजा भवन में आयोजित एक मीडिया सम्मेलन में उन्होंने कहा कि राज्य ने बजट में मूसी नदी पुनर्जीवन, रीजनल रिंग रोड, हैदराबाद सिटी डेवलपमेंट, मेट्रो रेल विस्तार और अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए केंद्रीय फंडिंग की उम्मीद की थी। उन्होंने कहा कि ने कहा, ‘जब बायो-फार्मा पर चर्चा होती है, तो केंद्र सरकार को पहले तेलंगाना के बारे में सोचना चाहिए। बायो-फार्मा आबंटन में तेलंगाना को शामिल न करना बेहद निराशाजनक है।’ उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट में इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए 40,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, लेकिन तेलंगाना को एक भी रुपया नहीं मिला, जो अन्यायपूर्ण है। हैदराबाद में अच्छी तरह से विकसित इलेक्ट्रॉनिक्स इकोसिस्टम है।
तेलंगाना को फार्मा हब पहलों में शामिल नहीं किया
भट्टी ने आगे कहा कि हैदराबाद वैश्विक स्तर पर फार्मा हब के रूप में जाना जाता है। कोविड के समय, भारत बायोटेक ने केवल देश को ही नहीं बल्कि दुनिया को भी वैक्सीन आपूर्ति की थी, और प्रधानमंत्री मोदी ने भी उस दौरान दौरा किया था। फिर भी तेलंगाना को फार्मा हब पहलों में शामिल नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि खेलों के क्षेत्र में तेलंगाना सरकार ने विशेष प्रयास किए हैं। ग्लोबल समिट और विज़न 2047 दस्तावेज़ के हिस्से के रूप में विश्व प्रसिद्ध खिलाड़ियों के साथ खेल कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसके बावजूद केंद्र ने तेलंगाना की अनदेखी की। ऑरेंज इकोनॉमी में हैदराबाद-केंद्रित गतिविधियों को मुंबई में स्थानांतरित कर दिया गया। भट्टि ने कहा, ”तेलंगाना ने क्या गलती की? हैदराबाद ऑडियो-वीडियो, गेमिंग और कॉमिक्स का सबसे बड़ा केंद्र है। तेलंगाना की अनदेखी और मुंबई को चुनना अन्यायपूर्ण है।”
सेमीकंडक्टर यूनिट के लिए अनुमोदन नहीं मिला
भट्टी ने सवाल उठाया कि रेयर अर्थ मिनरल्स और सिंगरेनी कोलियरीज में भी तेलंगाना पर ध्यान नहीं दिया गया, जबकि सतुपल्ली और रामगुंडम में स्कैंडियम और लिथियम की खनिज प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी और उद्योग मंत्री श्रीधर बाबू ने व्यक्तिगत रूप से प्रधानमंत्री से सेमीकंडक्टर यूनिट के लिए अनुमोदन मांगा, लेकिन बजट में ऐसी परियोजनाएं अन्य राज्यों को दी गईं और तेलंगाना के प्रति सौतेला व्यवहार दिखाया गया।
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