रूस । रूस और यूक्रेन (Ukraine) के बीच जारी संघर्ष अब और भी घातक मोड़ पर पहुँच गया है, जहाँ युद्ध के मैदान से दूर आम नागरिकों को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है।
बस पर ड्रोन हमला, 15 खदान मजदूरों की मौत
पूर्वी यूक्रेन में रविवार को हुए एक भीषण रूसी ड्रोन हमले (Russia Drone Attack) में कम से कम 15 खदान मजदूरों (खनिकों) की दर्दनाक मौत हो गई। यह हमला उस समय हुआ जब ये मजदूर अपनी दिन भर की कड़ी मेहनत के बाद शिफ्ट खत्म कर बस से घर लौट रहे थे। ड्निप्रोपेत्रोव्स्क क्षेत्र के टर्निव्का शहर में हुए इस हमले ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया।
घायलों की हालत नाजुक, मानवाधिकार आयोग ने की निंदा
ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ी रिपोर्टों के अनुसार, बस में सवार खनिकों पर सीधा प्रहार किया गया, जिससे मौके पर ही अफरा-तफरी मच गई। पहले मृतकों की संख्या कम बताई गई थी, लेकिन अस्पताल ले जाते समय और गंभीर रूप से घायल खनिकों के दम तोड़ने के बाद यह आँकड़ा 15 तक पहुँच गया। फिलहाल 15 अन्य घायलों का उपचार जारी है, जिनमें से कई की हालत नाजुक बनी हुई है। यूक्रेन के मानवाधिकार आयुक्त दिमित्रो लुबिनेत्स ने इस कृत्य की कड़ी निंदा करते हुए इसे नागरिकों पर किया गया सीधा हमला बताया है।
मेटरनिटी अस्पताल भी निशाने पर, गर्भवती महिलाएं घायल
इसी दिन मानवीय संवेदनाओं को झकझोर देने वाली एक और घटना दक्षिणी यूक्रेन के जापोरिज्जिया शहर में सामने आई। यहाँ एक रूसी ड्रोन ने सीधे मेटरनिटी अस्पताल (प्रसूति केंद्र) को निशाना बनाया। इस हमले में कम से कम 6 लोग घायल हुए हैं, जिनमें दो गर्भवती महिलाएं भी शामिल हैं। स्थानीय प्रशासन प्रमुख इवान फेदोरोव ने इसे “जीवन के खिलाफ छेड़ी गई जंग” करार दिया।
वीडियो में दिखी तबाही, नवजातों को सुरक्षित निकाला गया
सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में अस्पताल की टूटी खिड़कियां, जली दीवारें और मलबे के बीच से मरीजों व नवजात बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालते फायरफाइटर नजर आए। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या युद्ध में अब अस्पताल और बच्चे भी सुरक्षित नहीं हैं।
ऊर्जा ढांचे पर हमले तेज, शांति वार्ता पर संकट
रूस की रणनीति में हाल के दिनों में बदलाव देखा जा रहा है। कड़ाके की ठंड के बीच रूस लगातार यूक्रेन के ऊर्जा बुनियादी ढांचे, बिजलीघरों और सब-स्टेशनों को निशाना बना रहा है। इस बीच अंतरराष्ट्रीय शांति प्रयासों को भी झटका लगा है। राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने बताया कि अमेरिका, रूस और यूक्रेन के बीच प्रस्तावित त्रिपक्षीय शांति वार्ता अब टलकर 4-5 फरवरी को होगी।
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स्टारलिंक के कथित दुरुपयोग का आरोप
तकनीकी मोर्चे पर भी नया विवाद सामने आया है। यूक्रेन ने आरोप लगाया है कि रूस ड्रोन हमलों की सटीकता बढ़ाने के लिए स्टारलिंक सैटेलाइट इंटरनेट का अवैध इस्तेमाल कर रहा था। इस पर स्पेस-एक्स ने पुष्टि की है कि अनधिकृत उपयोग रोकने के लिए तकनीकी कदम उठाए गए हैं। लगातार हो रहे इन हमलों और बदलती युद्धनीति ने न सिर्फ यूक्रेन बल्कि पूरी दुनिया की चिंताएं बढ़ा दी हैं।
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