तेल पाम फैक्ट्री का निरीक्षण करने पहुंचे मंत्री
हैदराबाद। कृषि मंत्री तुंम्मला नागेश्वर राव ने शनिवार को सिद्धिपेट (Siddipet) जिले के नांगनूर मंडल स्थित नर्मेट्टा गांव में तेल पाम फैक्ट्री का दौरा किया। इस दौरे का उद्देश्य फैक्ट्री के संचालन और कार्यक्षमता का जायजा लेना था, जो क्षेत्र के कृषि विकास (Agricultural development) में एक महत्वपूर्ण पहल का प्रतिनिधित्व करती है। मंत्री ने फैक्ट्री के विभिन्न विभागों का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने ताजा फल के गुच्छों के रिसीविंग और प्रोसेसिंग प्रक्रियाओं, फैक्ट्री की तेल उत्पादन क्षमता, भंडारण सुविधाओं, मशीनरी के प्रदर्शन और गुणवत्ता मानकों के पालन का मूल्यांकन किया।
महत्वपूर्ण लॉजिस्टिक मुद्दों पर की विस्तार से चर्चा
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने फैक्ट्री अधिकारियों के साथ कच्चे माल के परिवहन, वजन प्रक्रिया और किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने जैसे महत्वपूर्ण लॉजिस्टिक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान उन्होंने संचालन की दक्षता बढ़ाने और स्थानीय कृषि समुदाय का समर्थन करने पर जोर दिया। फैक्ट्री दौरे के बाद मंत्री ने पास के तेल पाम किसानों से सीधे मुलाकात की और उनके सामने आने वाली समस्याओं और चुनौतियों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने किसानों की प्रतिक्रिया को ध्यानपूर्वक सुना और अधिकारियों को निर्देश दिए कि समय पर क्रय प्रक्रिया, पारदर्शी भुगतान प्रणाली और तकनीकी सहायता सुनिश्चित की जाए, ताकि किसानों को किसी भी तरह की असुविधा न हो।
सभी तैयारियों को प्रभावी ढंग से संपन्न किया जाए
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी द्वारा फैक्ट्री के उद्घाटन के मद्देनजर, मंत्री नागेश्वर राव ने समारोह के लिए किए जा रहे सभी व्यवस्थाओं, सुरक्षा और लॉजिस्टिक तैयारी का भी विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी तैयारियों को प्रभावी ढंग से संपन्न किया जाए ताकि उद्घाटन समारोह सफलतापूर्वक संपन्न हो। मंत्री ने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य किसानों की भलाई और कृषि विकास को बढ़ावा देना है।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि तेल पाम की खेती स्थानीय किसानों की आय में वृद्धि करने और उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने में सहायक होगी। इस अवसर पर फैक्ट्री संचालन में सहयोग देने वाले ऑइलफेड के अध्यक्ष जांगा राघव रेड्डी, प्रबंध निदेशक यास्मीन बाशा, प्रोजेक्ट मैनेजर और संबंधित जिला अधिकारियों सहित कई अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।
तेलंगाना का दूसरा नाम क्या है?
ऐतिहासिक रूप से तेलंगाना को त्रिलिंग देश के नाम से भी जाना जाता है। मान्यता है कि यह नाम तीन प्रमुख शिवलिंगों—कालेश्वरम, श्रीशैलम और द्राक्षारामम—से जुड़ा है। समय के साथ भाषा और उच्चारण में बदलाव के कारण त्रिलिंग से तेलंगाना नाम प्रचलन में आया। यह नाम क्षेत्र की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान को दर्शाता है।
तेलंगाना और हैदराबाद में क्या अंतर है?
मूल रूप से तेलंगाना एक राज्य है, जबकि हैदराबाद उसका राजधानी शहर है। तेलंगाना में कई जिले और नगर शामिल हैं, जबकि हैदराबाद केवल एक महानगर है। प्रशासनिक अधिकार, भौगोलिक विस्तार और राजनीतिक संरचना दोनों की अलग-अलग होती है, हालांकि हैदराबाद राज्य का प्रमुख आर्थिक और सांस्कृतिक केंद्र माना जाता है।
तेलंगाना में सरकार किसकी है?
वर्तमान स्थिति में तेलंगाना में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की सरकार है। विधानसभा चुनाव में जीत के बाद कांग्रेस ने राज्य में सरकार बनाई और रेवंत रेड्डी मुख्यमंत्री बने। सरकार का नेतृत्व कांग्रेस पार्टी कर रही है, जो राज्य के प्रशासन, विकास योजनाओं और कल्याणकारी कार्यक्रमों की जिम्मेदारी संभाल रही है।
Read Telugu News: https://vaartha.com/
यह भी पढ़ें :