हैदराबाद। ट्रैफिक पुलिस ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए मांजा में फंसे एक कबूतर की जान बचाई। बेगमपेट स्थित ट्राफिक प्रशिक्षण संस्थान (TTI) के प्रांगण में एक वृक्ष की डाल पर बांधे गए जोरदार, निषेधित पतंग डोर (मांजा) में एक कबूतर फँस गया था। यह दृश्य वहाँ से गुजर रहे ए. लक्ष्मी, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त, ट्राफिक‑1, मल्काजिगिरी तथा जी. शंकर राजू, सहायक पुलिस आयुक्त, ट्रैफिक, तिरूमलग़री प्रभाग (Tirumalagiri Division) ने देखा। तुरंत उन्होंने मानवता, साहस और तत्परता का परिचय देते हुए घटना स्थल पर पहुँचे।
मांजा में फंसे कबूतर को पेड़ से उतारा गया
ट्रैफिक पुलिस एवं सहयोगियों के साथ, उन्होंने बहुत सावधानीपूर्वक उस कबूतर को वृक्ष से नीचे उतारा और उसके पैरों से फँसा हुआ पतंग डोर हटाया। आवश्यक देखभाल प्रदान करने के पश्चात् उसने थोड़ी ही देर में स्वस्थ होकर सुरक्षित उड़ान भरी। अधिकारियों ने इस अवसर पर सभी से अपील की कि निषेधित पतंग डोर का उपयोग न केवल पक्षियों एवं अन्य जंगली जीवों के लिए गंभीर संकट उत्पन्न करता है, वरन् मनुष्यों के लिए भी गंभीर दुर्घटनाएँ व जीवन‑हानि का कारण बनता है।
प्रतिबंधित मांजा का उपयोग नहीं किया जाना चाहिए : पुलिस
इसलिए पतंग डोर का उपयोग पूर्णतः त्याग देने, कानून का पालन करने, सार्वजनिक सुरक्षा एवं पर्यावरण संरक्षण में भूमिका निभाने की अपेक्षा व्यक्त की। इस घटना से स्पष्ट होता है कि ट्राफिक पुलिस विभाग केवल सड़क सुरक्षा और यातायात नियंत्रण तक सीमित नहीं है, बल्कि मौन पक्षियों सहित जीवों के जीवन को बचाने की सामाजिक जिम्मेदारी भी निभा रहा है।
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