बाजार की वर्तमान स्थिति और कीमतों में उछाल
नई दिल्ली: 10 फरवरी को लगातार दूसरे दिन सोने(Gold) और चांदी की कीमतों में तेजी देखी गई है। 10 ग्राम 24 कैरेट सोना ₹824 बढ़कर ₹1,55,700 पर पहुंच गया है, जबकि चांदी की कीमत ₹3,759 की छलांग(Jump) लगाकर ₹2,57,424 प्रति किलो हो गई है। जनवरी के अंत में अपने ऑल-टाइम हाई को छूने के बाद, बीच में आई गिरावट ने निवेशकों को निचले स्तर पर खरीदारी का एक अच्छा मौका दिया है, जिससे बाजार में फिर से रौनक लौट आई है।
2025 से अब तक का शानदार रिटर्न
साल 2025 निवेश के लिहाज से ऐतिहासिक रहा है, जहां सोने ने 75% और चांदी ने रिकॉर्ड 167% का रिटर्न दिया। इस साल यानी 2026 के शुरुआती 41 दिनों में भी यह सिलसिला जारी है; सोना(Gold) अब तक ₹22,505 और चांदी ₹27,004 महंगी हो चुकी है। विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी तेजी के बाद अब निवेशकों को एकमुश्त पैसा लगाने के बजाय ‘सिप’ (SIP) के तरीके से धीरे-धीरे निवेश करना चाहिए ताकि जोखिम कम रहे।
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खरीदारी और शुद्धता की पहचान के नियम
कीमती धातुओं को खरीदते समय सावधानी बरतना जरूरी है। हमेशा(Gold) BIS हॉलमार्क वाला सर्टिफाइड सोना ही लें और कीमत को IBJA जैसे विश्वसनीय स्रोतों से क्रॉस-चेक करें। चांदी की पहचान के लिए आप मैग्नेट टेस्ट या आइस टेस्ट जैसे आसान तरीके अपना सकते हैं। ध्यान रहे कि अलग-अलग शहरों में मेकिंग चार्ज और ज्वेलर्स के मार्जिन की वजह से कीमतें IBJA के रेट्स से भिन्न हो सकती हैं।
अलग-अलग शहरों में सोने के भाव अलग क्यों होते हैं?
IBJA द्वारा जारी किए गए रेट्स में 3% GST, मेकिंग चार्ज(Gold) और ज्वेलर्स का अपना मुनाफा शामिल नहीं होता है। जब स्थानीय ज्वेलर्स इन शुल्कों को जोड़ते हैं, तो हर शहर और दुकान के हिसाब से अंतिम रेट अलग-अलग हो जाता है।
क्या अभी सोने-चांदी में पैसा लगाना सही समय है?
जानकारों के अनुसार, बाजार में आई हालिया अस्थिरता को देखते हुए एकमुश्त पैसा लगाने से बचना चाहिए। इसकी जगह छोटे-छोटे हिस्सों में निवेश करना ज्यादा फायदेमंद हो सकता है, ताकि कीमतों में उतार-चढ़ाव का लाभ मिल सके।
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