नई दिल्ली । अंडर-19 विश्व कप में भारत को चैंपियन बनाने वाले युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी (Young batsman Vaibhav Suryavanshi) के सामने अब एक नया और बिल्कुल अलग तरह का इम्तिहान है। क्रिकेट के मैदान पर रिकॉर्डतोड़ पारी खेलने वाला यह सितारा अब बोर्ड परीक्षा (Board exam) के परीक्षा हॉल में उतरने जा रहा है। सीबीएसई कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा 17 फरवरी 2026 से शुरू हो रही है, जिसमें वैभव भी शामिल होंगे।
क्रिकेट के बाद अब बोर्ड परीक्षा की चुनौती
वैभव सूर्यवंशी ने ताजपुर प्रखंड स्थित डॉ. मुक्तेश्वर सिन्हा मोडेस्ती स्कूल से दसवीं कक्षा का फॉर्म भरा है। उनका परीक्षा केंद्र समस्तीपुर के एक प्रतिष्ठित विद्यालय में निर्धारित किया गया है। स्कूल प्रशासन ने पुष्टि की है कि उनका एडमिट कार्ड (Admit Card) जारी हो चुका है और सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं।

व्यस्त क्रिकेट शेड्यूल बना सवाल
हालांकि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट शेड्यूल के चलते यह अभी स्पष्ट नहीं है कि वैभव सभी विषयों की परीक्षा में शामिल हो पाएंगे या नहीं। अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि बोर्ड परीक्षा को लेकर किसी तरह की विशेष छूट नहीं दी जाएगी और वैभव को अन्य विद्यार्थियों की तरह ही नियमों का पालन करना होगा।
विश्व कप फाइनल में रचा इतिहास
इंग्लैंड के खिलाफ अंडर-19 विश्व कप फाइनल में वैभव सूर्यवंशी ने ऐतिहासिक पारी खेलते हुए 80 गेंदों पर 175 रन बनाए थे। उनकी इस तूफानी पारी में 15 चौके और 15 छक्के शामिल रहे, जबकि स्ट्राइक रेट 218 से अधिक का रहा। यह यूथ वनडे फाइनल इतिहास का सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर माना जा रहा है। उनकी बल्लेबाजी के दम पर भारत ने 400 से ज्यादा रन बनाए और बड़े अंतर से खिताब अपने नाम किया।
प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट बने वैभव
पूरे टूर्नामेंट में लगातार शानदार प्रदर्शन के चलते वैभव को ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ का खिताब भी मिला। उनकी सफलता ने न सिर्फ टीम इंडिया को गौरवान्वित किया, बल्कि देशभर में युवा खिलाड़ियों के लिए नई प्रेरणा भी दी।

जिले में जश्न, अब पढ़ाई पर फोकस
विश्व कप जीत के बाद वैभव के गांव और जिले में जश्न का माहौल रहा, लेकिन अब उन्होंने अपना ध्यान पढ़ाई पर केंद्रित कर लिया है। खेल और शिक्षा के बीच संतुलन बनाना किसी भी युवा खिलाड़ी के लिए चुनौतीपूर्ण होता है, लेकिन वैभव का सफर यह दिखाता है कि अनुशासन और मेहनत से दोनों में सफलता संभव है।
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मैदान से परीक्षा हॉल तक नई परीक्षा
अंतरराष्ट्रीय मंच पर चमकने के बाद बोर्ड परीक्षा देना वैभव के लिए एक नई जिम्मेदारी है। आने वाले दिनों में सबकी नजरें इस बात पर होंगी कि क्या वह क्रिकेट मैदान की तरह परीक्षा हॉल में भी उसी आत्मविश्वास और एकाग्रता के साथ सफलता हासिल कर पाते हैं या नहीं।
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