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BSF border security : सीमा पर लटकी बोतलें? जानें सुरक्षा राज!

Sai Kiran
Sai Kiran
BSF border security : सीमा पर लटकी बोतलें? जानें सुरक्षा राज!

BSF border security : देश की सीमा का नाम आते ही हमें कांटेदार तार, हथियारबंद जवान और कड़ी निगरानी की तस्वीर दिखती है। लेकिन कई जगह सीमा की बाड़ पर खाली कांच की बोतलें लटकी दिखाई देती हैं। यह देखने में भले अजीब लगे, लेकिन घुसपैठ रोकने में यह बेहद कारगर तरीका है। इस ‘लो-टेक’ रणनीति का इस्तेमाल बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) करती है।

आवाज ही अलार्म

पंजाब और जम्मू-कश्मीर जैसे इलाकों में सर्दियों के दौरान घना कोहरा छा जाता है। ऐसे में हाई-टेक कैमरे और सेंसर भी कई बार ठीक से काम नहीं करते। लेकिन अगर कोई घुसपैठिया तार को काटने या पार करने की कोशिश करे तो बोतलें आपस में टकराकर आवाज करती हैं। यही आवाज जवानों के लिए अलार्म का काम करती है।

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कम खर्च, ज्यादा असर

इन बोतलों को इस तरह लगाया जाता है कि वे हवा से नहीं हिलें, बल्कि केवल छूने पर ही आवाज करें। रात में टॉर्च की रोशनी पड़ने पर कांच की बोतलें प्रकाश को परावर्तित करती हैं, जिससे किसी भी संदिग्ध गतिविधि का पता लगाना आसान हो जाता है।

मनोवैज्ञानिक प्रभाव

हल्की सी आवाज भी घुसपैठियों में डर पैदा (BSF border security) करती है। उन्हें लगता है कि वे पकड़े जा सकते हैं, जिससे वे आगे बढ़ने से कतराते हैं।

आज के दौर में लेजर वॉल और थर्मल इमेजिंग जैसी आधुनिक तकनीकें उपलब्ध हैं, फिर भी यह पारंपरिक तरीका प्रभावी बना हुआ है। जवानों का मानना है कि तकनीक कभी-कभी धोखा दे सकती है, लेकिन यह सरल ‘लो-टेक’ उपाय हमेशा सतर्क रहता है।

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