वैक्यूम बमों ने हजारों इंसानों को बनाया भाप, 3500 डिग्री तक पहुंचा तापमान
वाशिंगटन: गाजा युद्ध(Gaza) में इजराइल पर ‘वैक्यूम बम’ (थर्मोबैरिक हथियार) के इस्तेमाल के गंभीर आरोप लगे हैं। ‘द रेस्ट ऑफ द स्टोरी’ की रिपोर्ट के अनुसार, इन धमाकों का असर इतना भीषण था कि हजारों फिलिस्तीनी नागरिक ‘भाप’ बनकर गायब हो गए। यह हथियार हवा में ऑक्सीजन सोखकर एक विशाल आग(Huge Fire) का गोला बनाता है, जिससे तापमान 3,500 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है। गाजा की सिविल डिफेंस टीम के मुताबिक, लगभग 2,842 लोग ऐसे हैं जिनका दफनाने के लिए शरीर का एक हिस्सा तक नहीं मिला, जबकि 3,500 से ज्यादा लोग अब भी लापता हैं।
विनाशकारी हथियार: MK-84 से लेकर बंकर बस्टर तक
इजराइल पर मुख्य रूप से तीन प्रकार के वैक्यूम बमों के इस्तेमाल का आरोप है। इनमें MK-84 ‘हैमर’ शामिल है, जो करीब 900 किलो का होता है और शरीर को पलक(Gaza) झपकते ही जलाकर राख कर देता है। दूसरा BLU-109 बंकर बस्टर है, जो कंक्रीट के ढांचों के भीतर घुसकर फटने के लिए बनाया गया है। वहीं, GBU-39 ग्लाइड बम के अवशेष(Remains) अल-तबिन स्कूल जैसे नागरिक ठिकानों पर हमले के बाद मिले हैं। सैन्य विशेषज्ञों का कहना है कि इन हथियारों का प्रभाव ऐसा होता है कि इमारतें बाहर से सुरक्षित लग सकती हैं, लेकिन अंदर मौजूद हर सजीव वस्तु जलकर खत्म हो जाती है।
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ट्रम्प-नेतन्याहू मुलाकात: ईरान डील और युद्ध पर चर्चा
राजनीतिक मोर्चे पर, इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से मुलाकात की। दो घंटे तक चली इस बैठक में गाजा(Gaza) की स्थिति और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा हुई। ट्रम्प ने संकेत दिया कि वे ईरान के साथ नए सिरे से समझौता करने के पक्ष में हैं, लेकिन समझौता न होने पर सैन्य कार्रवाई की चेतावनी भी दी। वहीं, नेतन्याहू ने पूर्ववर्ती बाइडेन प्रशासन पर हथियारों की सप्लाई रोकने का आरोप लगाते हुए कहा कि गोला-बारूद की कमी के कारण कई इजराइली सैनिकों को अपनी जान गंवानी पड़ी, जबकि ट्रम्प के आने से यह स्थिति बदली है।
वैक्यूम बम (थर्मोबैरिक बम) कैसे काम करता है और यह इतना खतरनाक क्यों है?
यह बम फटने पर हवा में ईंधन का एक बादल फैलाता है और फिर उसे जला देता है। यह आसपास की पूरी ऑक्सीजन सोख लेता है, जिससे एक निर्वात(Gaza) पैदा होता है। इसकी गर्मी (3500°C) और दबाव इतना अधिक होता है कि इंसानी शरीर बिना किसी अवशेष के नष्ट हो सकता है।
गाजा में अब तक हताहतों की स्थिति क्या है?
अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, इस युद्ध में अब तक 72,000 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। सीजफायर लागू होने के बाद भी तनाव जारी है और अक्टूबर 2025 से अब तक 500 से अधिक फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं।
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