नई दिल्ली। विश्व रेडियो दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra modi) ने देशवासियों को बधाई दी और रेडियो की अद्वितीय भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर रेडियो को “लोगों को जोड़ने वाली विश्वसनीय आवाज” बताया और कहा कि यह माध्यम दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों से लेकर हलचल भरे शहरों तक समाज को आपस में जोड़ता है।
रेडियो ने समय के साथ निभाई भरोसेमंद भूमिका
प्रधानमंत्री मोदी ने पोस्ट में कहा कि यह दिन ऐसे माध्यम का उत्सव है, जो समयानुसार सूचनाएं देता आया है, नई प्रतिभाओं को निखारता रहा है और रचनात्मकता को बढ़ावा देता रहा है। उन्होंने कहा कि रेडियो से जुड़े सभी लोगों के प्रयासों को मान्यता देने का यह उपयुक्त अवसर है।
‘मन की बात’ से जनता से सीधा संवाद
प्रधानमंत्री ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम मन की बात (Man Ki Baat) का उल्लेख करते हुए कहा कि यह नागरिकों से सीधे संवाद का एक अनूठा मंच बन चुका है। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम के जरिए उन्होंने रेडियो की उस शक्ति को महसूस किया है, जिससे समाज की सकारात्मक ऊर्जा सामने आती है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि इस महीने का ‘मन की बात’ कार्यक्रम 22 फरवरी को प्रसारित होगा और इसके लिए श्रोताओं से सुझाव आमंत्रित किए गए हैं।
भाषाई विविधता और जन-जन तक पहुंच का माध्यम
भारत में ऑल इंडिया रेडियो (All India Radio) देश के सबसे बड़े सार्वजनिक सेवा प्रसारकों में से एक है। इसकी घरेलू सेवा में 400 से अधिक स्टेशन शामिल हैं, जो देश के लगभग 92 प्रतिशत भौगोलिक क्षेत्र और 99.19 प्रतिशत आबादी तक पहुंच रखते हैं। रेडियो 23 भाषाओं और 146 बोलियों में कार्यक्रम प्रसारित करता है, जो भारत की समृद्ध भाषाई विविधता को दर्शाता है।
अन्य पढ़े: Jharkhand- हाथियों का कहर, हजारीबाग में एक ही परिवार के चार समेत 6 की मौत
कम लागत, ज्यादा असर वाला संचार साधन
प्रधानमंत्री के संदेश से यह भी स्पष्ट होता है कि तेज डिजिटल बदलावों के बावजूद रेडियो ने खुद को समय के अनुरूप ढाला है। आज भी यह कम लागत वाला, प्रभावी संचार माध्यम बना हुआ है, जो विशेष रूप से दूरदराज के क्षेत्रों, महिलाओं, युवाओं, निरक्षर और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों तक सूचना और शिक्षा पहुंचाने में अहम भूमिका निभा रहा है।
Read More :