नई दिल्ली। मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी (Chief Minister Revanth Reddy) ने शुक्रवार को नई दिल्ली में एआईसीसी राष्ट्रीय महासचिव और सांसद प्रियंका गांधी से मुलाकात की। इस अवसर पर तेलंगाना में नगर निकाय चुनावों के परिणामों पर चर्चा की गई। प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) ने कांग्रेस पार्टी की नगर निकाय चुनावों में भारी जीत पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने विशेष रूप से मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी को बधाई दी और राज्य के सभी पार्टी नेताओं, कार्यकर्ताओं और कर्मियों को भी शुभकामनाएं दी। मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने प्रियंका गांधी को तेलंगाना में विकास कार्यों, सुधारों, नीतियों, महत्वपूर्ण निवेश पहलों और कल्याण कार्यक्रमों के कार्यान्वयन में हुई प्रगति की जानकारी दी।
हैदराबाद में मुस्लिम आबादी कितनी है?
शहर की कुल जनसंख्या में मुस्लिम समुदाय की हिस्सेदारी लगभग 43 से 44 प्रतिशत के आसपास मानी जाती है। यह अनुपात विशेष रूप से पुराने शहर के क्षेत्रों में अधिक दिखाई देता है। ऐतिहासिक रूप से निज़ाम शासन और दक्खिनी संस्कृति के कारण इस समुदाय का सामाजिक व सांस्कृतिक प्रभाव काफी मजबूत रहा है। अन्य धर्मों में हिंदू बहुसंख्यक हैं, जबकि ईसाई, जैन और सिख समुदाय भी यहाँ निवास करते हैं।
हैदराबाद का पुराना नाम क्या था?
इतिहास के अनुसार, इस नगर को प्रारंभ में भाग्यनगर कहा जाता था। बाद में कुतुब शाही शासकों के काल में इसका नाम बदलकर वर्तमान नाम रखा गया। 1591 में मोहम्मद कुली कुतुब शाह ने इसकी स्थापना की थी। समय के साथ यह दक्षिण भारत का महत्वपूर्ण व्यापारिक और सांस्कृतिक केंद्र बन गया तथा निज़ाम शासन में इसकी पहचान और मजबूत हुई।
हैदराबाद की फेमस क्या है?
चारमीनार, गोलकोंडा किला और हुसैन सागर झील जैसे ऐतिहासिक स्थल यहाँ की पहचान हैं। सालारजंग संग्रहालय और रामोजी फिल्म सिटी भी पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। खानपान में बिरयानी, हलीम और इरानी चाय विशेष रूप से प्रसिद्ध हैं। मोतियों के आभूषण और पारंपरिक बाजार, खासकर लाड़ बाजार, खरीदारी के लिए जाने जाते हैं। सांस्कृतिक विविधता और आधुनिक आईटी उद्योग भी इसकी खास पहचान बन चुके हैं।
हैदराबाद में कौन सी भाषा बोली जाती है?
यहाँ की दैनिक बातचीत में तेलुगु और उर्दू प्रमुख रूप से सुनाई देती हैं। सरकारी कार्यों और शिक्षा में हिंदी तथा अंग्रेजी का भी व्यापक उपयोग होता है। स्थानीय स्तर पर दक्खिनी या हैदराबादी उर्दू एक विशिष्ट शैली में बोली जाती है, जो शहर की सांस्कृतिक विरासत को दर्शाती है। बहुभाषी वातावरण के कारण अलग-अलग समुदाय आपसी संवाद में आसानी महसूस करते हैं।
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