तेलंगाना । महाशिवरात्रि के अवसर पर प्रसिद्ध तीर्थस्थल वेमुलावाड़ा (Vemulawada) उत्सवमय रूप में नजर आया। श्रद्धालुओं ने श्री राजराजेश्वर स्वामी तथा संबद्ध भीमेश्वर स्वामी मंदिर में दर्शन के लिए बड़ी संख्या में पहुंचकर भक्ति भाव प्रकट किया। मंत्री पोन्नम प्रभाकर (Ponnam Prabhakar) और राज्य सरकार के सचेतक आदि श्रीनिवास ने मंदिर पहुंचकर विशेष पूजा-अर्चना की।
मंत्री ने भीमेश्वर स्वामी को रेशमी वस्त्र अर्पित किए
मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने राज्य सरकार की ओर से वेमुलावाड़ा मंदिर में भीमेश्वर स्वामी को रेशमी वस्त्र अर्पित किए। इस अवसर पर मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने करीमनगर महापौर पद को लेकर महत्वपूर्ण टिप्पणियां कीं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नगर निगम पर कांग्रेस पार्टी का कब्जा होगा। वेमुलावाड़ा में मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के सांसद धर्मपुरी अरविंद ने कहा है कि वे निजामाबाद में महापौर की दौड़ से हट रहे हैं।
लोकतांत्रिक तरीके से होता है महापौर का चुनाव
उन्होंने कहा कि पूर्ण बहुमत न होने के कारण यह निर्णय लिया गया है। ऐसे में केंद्रीय मंत्री बंड़ी संजय कुमार यह कैसे कह सकते हैं कि बहुमत न होने पर भी वे करीमनगर में महापौर पद जीतेंगे? नगर निगमों में महापौर का चुनाव लोकतांत्रिक तरीके से होता है। कांग्रेस सरकार की ओर से हम विकास कार्यों में सहयोग करेंगे। सभी को साथ लेकर महापौर पद जीतने का प्रयास करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि जिस प्रकार भारतीय जनता पार्टी महापौर पद हासिल करने के लिए प्रयास करती है, उसी प्रकार वे भी प्रयास करेंगे। महापौर और अध्यक्ष पदों के लिए शिविर राजनीति देखने को मिलेगी।
वेमुलावाड़ा का देवता कौन है?
यहां मुख्य देवता श्री राजराजेश्वर स्वामी (Lord Rajarajeshwara) हैं। यह भगवान शिव का स्वरूप हैं।
भगवान वेंकटेश्वर की आंखें क्यों बंद हैं?
Vemulawada में स्थित भगवान वेंकटेश्वर (श्री वेंकटेश्वर स्वामी) की मूर्ति की आंखें आधी या पूरी तरह बंद होने का कारण यह है कि यह मूर्ति विशेष रूप से ध्यान और ध्यानमग्न अवस्था में दर्शाने के लिए बनाई गई थी। इसे ‘ध्यानमूर्ति’ के रूप में माना जाता है, जो शांति, ध्यान और ध्यान साधना का प्रतीक है।
वेमुलावाड़ा में किस वंश ने मंदिर बनवाया था?
Vemulawada के श्री राजराजेश्वर स्वामी मंदिर को कोलनचेरी (Chalukya) वंश के राजा राजराजेश्वर ने बनवाया था। यह मंदिर प्राचीन काल से ही क्षेत्र का प्रमुख तीर्थस्थल रहा है।
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