शाहजहांपुर । योगी आदित्यनाथ सरकार की वह दृढ़ इच्छाशक्ति से अब दुर्दिन की कहानियां नहीं, शाहजहांपुर विकास की इबारत (Story) लिख रहा है। शाहजहांपुर अब परिवर्तन की कहानी का प्रतीक है, सुरक्षा और सुशासन से आर्थिक समृद्धि का प्रतीक है। यह बदलाव एक दिन में नहीं हुआ है बल्कि इसके पीछे है जिसने इस जिले का कायापलट (Transformed) कर दिया।
योगी सरकार के इस फैसले से छात्र और छात्राएं उत्साहित
अब बातें उनकी जो नई पहचान हैं। शाहजहांपुर जिले का विख्यात और प्राचीन स्वामी शुकदेवानंद कॉलेज अब विश्वविद्यालय के रूप में पहचाना जाएगा। योगी आदित्यनाथ सरकार के इस फैसले से यहां के छात्र और छात्राएं बहुत उत्साहित हैं। इसी कालेज से एमए करने वाली निशा कहती हैं-‘पहले हमें उच्च शिक्षा के लिए बरेली या लखनऊ जाना पड़ता था लेकिन अब यूनिवर्सिटी बन जाने से यहीं सारी सुविधाएं मिल जाएंगी। यह यहां की बड़ी उपलब्धि है। मां-बाप अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर सशंकित नहीं रहेंगे। राजनीति विज्ञान से एम.ए. करने वाले उपेंद्र सिंह कहते हैं-योगी सरकार युवाओं की शिक्षा और रोजगार के लिए जितना कर रही है उतना किसी भी सरकार ने नहीं किया है। शाहजहांपुर को यूनिवर्सिटी मिलने से हमारे जैसे आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों में उम्मीद की किरण जगी है।

ओडीओपी योजना यहां के कारीगरों के लिए नई जिंदगी बनी
जरी जरदोजी ने तो यहां के कारीगरों को जैसे जीवनदान दे दिया है। योगी सरकार की ओडीओपी योजना यहां के कारीगरों के लिए नई जिंदगी बन गई। ये कला लगभग विलुप्त हो चुकी थी लेकिन वर्तमान सरकार ने इसको दोबारा जीवित किया। इस व्यवसाय से जुड़े मोहम्मद यासीन खान बताते हैं- उनका परिवार कढ़ाई की इस कला से काफी अरसे से जुड़ा है लेकिन मांग कम होने के कारण हताश हो गए थे। लेकिन योगी सरकार ने ओडीओपी के माध्यम से इस कला और हमारे जैसे कारीगरों को जीवनदान दिया है। आज हमारे इस उत्पाद की मांग न केवल देश में है बल्कि दुबई और सऊदी अरब से भी डिमांड आ रही है। पहले हमारे पास 4-5 कारीगर थे अब 50 कारीगर काम कर रहे हैं।
100 बेड का हॉस्पिटल बनने से यहां के मरीजों को फायदा
सरफरोशी की तमन्ना रखने वाले आजादी की लड़ाई के रणबांकुरे पं. राम प्रसाद बिस्मिल को असली सम्मान अब हासिल हुआ है। योगी सरकार ने उनके नाम पर जिले को मेडिकल कॉलेज का उपहार दिया है। मेडिकल कॉलेज का इन्फ्रास्ट्रक्चर और सुविधाएं विश्वस्तरीय हैं। करोड़ों की लागत से लैब का निर्माण किया गया है। यहां पर राज्य के छात्र तो एमबीबीएस की डिग्री हासिल ही कर रहे हैं बल्कि दूसरे राज्यों के भी छात्र यहां से डिग्री प्राप्त कर रहे हैं। प्रिंसिपल डॉ. राजेश कुमार बताते हैं-100 बेड का हॉस्पिटल बनने से यहां के मरीजों को अब दूसरे जिलों में नहीं जाना पड़ता। बड़ी से बड़ी बीमारी का इलाज यहां उपलब्ध है।
शाहजहांपुर क्यों प्रसिद्ध है?
इस शहर की स्थापना 1647 में हुई थी और इसका नाम मुगल सम्राट शाहजहाँ के नाम पर रखा गया था। यह एक प्रमुख सड़क और रेल जंक्शन होने के साथ-साथ कृषि व्यापार का केंद्र भी है।यहाँ के उद्योगों में कालीन बुनाई , शराब बनाना, चीनी मिलिंग और रसायन निर्माण शामिल हैं। शाहजहाँपुर गंगा नदी के उत्तर में फैले जलोढ़ मैदान पर स्थित है।
Read Telugu News: https://vaartha.com/
यह भी पढ़ें :