US iran tension : अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, ईरान के परमाणु ठिकानों के साथ-साथ देश के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और उनके संभावित उत्तराधिकारी मोज्तबा खामेनेई को निशाना बनाने वाली सैन्य योजनाओं पर भी विचार किया जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट में यह दावा सामने आने के बाद वैश्विक स्तर पर चर्चा तेज हो गई है।
अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि वे सभी परिस्थितियों के लिए तैयार हैं और यदि युद्ध अपरिहार्य हुआ तो ईरान के शीर्ष नेतृत्व को निष्क्रिय करने जैसे विकल्प भी खुले हैं। सीमित हमलों की संभावना पर पूछे जाने पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वे इस विकल्प पर विचार कर रहे हैं और ईरान को बातचीत के लिए 10-15 दिन का समय दिया गया है।
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अमेरिकी चेतावनियों पर ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। ईरान के विदेश (US iran tension) मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि उनका देश बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन किसी भी हमले की स्थिति में जवाबी कार्रवाई से पीछे नहीं हटेगा। ईरान ने संयुक्त राष्ट्र को भी संकेत दिया है कि यदि हमला हुआ तो मध्य-पूर्व में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकाने उनके निशाने पर होंगे।
तनाव के बीच अमेरिका ने मध्य-पूर्व में बड़े पैमाने पर सैन्य तैनाती बढ़ा दी है। दो अमेरिकी विमानवाहक पोत ईरान के तट के पास तैनात हैं, जबकि कतर और बहरीन से हजारों सैनिकों को रणनीतिक क्षेत्रों में भेजा गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि ईरानी नेतृत्व को निशाना बनाने की कोई भी कार्रवाई पूर्ण युद्ध का रूप ले सकती है और इसके गंभीर वैश्विक परिणाम हो सकते हैं।
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