153 साल में पहली बार नहीं छपा अखबार
वाशिंगटन: अमेरिका(America) के उत्तर-पूर्वी राज्यों में आए भीषण बर्फीले तूफान ने पिछले कई दशकों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। नेशनल वेदर सर्विस के अनुसार, मैसाचुसेट्स और रोड आइलैंड(Island) जैसे इलाकों में 37 इंच तक बर्फ गिरी है। इस भारी बर्फबारी के कारण लगभग 6 लाख घरों की बिजली गुल हो गई और कड़ाके की ठंड में लोग अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। हालात इतने गंभीर थे कि बोस्टन का प्रसिद्ध अखबार ‘द बोस्टन ग्लोब’ अपने 153 साल के इतिहास में पहली बार नहीं छप सका, क्योंकि कर्मचारी प्रिंटिंग प्रेस तक पहुँचने में असमर्थ थे।
यातायात ठप और इमरजेंसी की घोषणा
तूफान के कारण हवाई और सड़क यातायात पर सबसे बुरा असर पड़ा है। अब तक लगभग 11,000 उड़ानें रद्द की जा चुकी हैं, जिनमें से 5,000 से अधिक उड़ानें केवल सोमवार(America) को रद्द हुईं। न्यूयॉर्क, रोड आइलैंड और मैसाचुसेट्स के गवर्नरों ने अपने-अपने राज्यों में इमरजेंसी(Emergency) घोषित कर दी है। न्यूयॉर्क सिटी में स्कूल, पुल और हाईवे बंद कर दिए गए हैं, जबकि कई राज्यों में ‘ट्रैवल बैन’ लगाकर लोगों को घरों में रहने की सख्त हिदायत दी गई है। न्यूयॉर्क और बोस्टन के बीच ट्रेन सेवाएं भी पूरी तरह सस्पेंड रही हैं।
अन्य पढ़े: अमेरिका में तबाही मचाता साइक्लोन, न्यूयॉर्क में फ्लाइट्स रद्द और स्कूल बंद
क्या है ‘नॉरईस्टर’ और कैसे बनता है यह तूफान?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, यह पिछले एक दशक का सबसे शक्तिशाली ‘नॉरईस्टर’ (Nor’easter) तूफान है। यह तूफान तब बनता है जब कनाडा की ओर से आने वाली बेहद ठंडी(America) हवा और अटलांटिक महासागर की ओर से आने वाली गर्म एवं नम हवा आपस में टकराती हैं। जेट स्ट्रीम (आसमान में चलने वाली तेज हवाएं) इस सिस्टम को और अधिक ऊर्जा देती हैं, जिससे हवा की रफ्तार 110 मील प्रति घंटे तक पहुँच जाती है। समुद्र की नमी के कारण यह तूफान भारी बर्फबारी में बदल जाता है, जिससे दृश्यता शून्य हो जाती है।
‘नॉरईस्टर’ तूफान का नाम ऐसा क्यों रखा गया है और इसकी मुख्य विशेषता क्या है?
इसे ‘नॉरईस्टर’ इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसमें हवाएं मुख्य रूप से उत्तर-पूर्व (North-East) दिशा से चलती हैं। इसकी मुख्य विशेषता भारी बर्फबारी, तेज ठंडी हवाएं (जो 110 मील/घंटा तक जा सकती हैं) और समुद्र में उठने वाली ऊंची लहरें हैं।
इस तूफान का अमेरिका की हवाई सेवाओं पर क्या असर पड़ा है?
इस तूफान(America) की वजह से अब तक कुल 11,000 से ज्यादा उड़ानें रद्द हुई हैं। अकेले सोमवार को ही अमेरिका की लगभग 20% घरेलू उड़ानों को कैंसिल करना पड़ा, जिससे हजारों यात्री हवाई अड्डों पर फंस गए।
अन्य पढ़े: