हैदराबाद। तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी (Chief Minister A. Revanth Reddy) ने इस बात पर जोर दिया कि प्रमुख वैश्विक कंपनियों से निवेश आकर्षित करने और तेलंगाना को विनिर्माण केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए ठोस योजनाएं बनाई जानी चाहिए। एडोब के सीईओ और ‘तेलंगाना राइजिंग-2047 विजन बोर्ड’ के सदस्य शांतनु नारायण ने बुधवार को मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी से उनके आवास पर शिष्टाचार भेंट (courtesy call) की। बैठक के दौरान शांतनु नारायण और मुख्यमंत्री ने वैश्विक रुझानों तथा निवेश के अवसरों पर राज्य सरकार द्वारा उठाए जाने वाले कदमों पर चर्चा की।
अपनानी चाहिए आक्रामक रणनीति
दोनों नेताओं ने वैश्विक विनिर्माण, हरित ऊर्जा, रोजगार पर एआई के प्रभाव तथा कौशल विकास एवं पुनः कौशल विकास (स्किलिंग एवं रिस्किलिंग) जैसे विषयों पर अपने विचार साझा किए। रेवंत रेड्डी ने कहा कि राज्य सरकार को नई योजनाएं तैयार कर बड़े वैश्विक निवेश आकर्षित करने के लिए आक्रामक रणनीति अपनानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने एआई क्रांति के अर्थव्यवस्था पर प्रभाव और आने वाले दिनों में एआई के प्रभावी उपयोग के संबंध में भी विजन बोर्ड सदस्य से जानकारी ली। उन्होंने तेलंगाना को विकास के पथ पर आगे बढ़ाने और राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए बोर्ड सदस्य से अधिक सहयोग का अनुरोध किया।
तेलंगाना में हिंदुओं की आबादी कितनी है?
राज्य में हिंदू समुदाय की जनसंख्या लगभग 85 प्रतिशत के आसपास है। 2011 की जनगणना के अनुसार कुल आबादी में हिंदुओं का अनुपात करीब 85.1% दर्ज किया गया था। इसके बाद जनसंख्या में वृद्धि हुई है, लेकिन प्रतिशत के स्तर पर बड़ा बदलाव नहीं माना जाता। राजधानी Hyderabad सहित अधिकांश जिलों में हिंदू बहुसंख्यक हैं, जबकि कुछ शहरी क्षेत्रों में अन्य धर्मों की भी उल्लेखनीय उपस्थिति है।
तेलंगाना का दूसरा नाम क्या है?
इस क्षेत्र को ऐतिहासिक रूप से “तेलंगाना” के अलावा “त्रिलिंग देश” भी कहा जाता है। मान्यता है कि यह नाम तीन प्राचीन शिव मंदिरों—कालेश्वरम मंदिर, श्रीशैलम मंदिर और द्राक्षारामम मंदिर—से जुड़ा है। समय के साथ “त्रिलिंग” शब्द परिवर्तित होकर “तेलंगाना” बना। इतिहास में इसे हैदराबाद राज्य का हिस्सा भी माना जाता रहा है, जब यह निज़ाम शासन के अधीन था।
तेलंगाना में सरकार किसकी है?
राज्य में वर्तमान समय में Indian National Congress की सरकार है। दिसंबर 2023 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस ने बहुमत हासिल किया था। इसके बाद A. Revanth Reddy ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इससे पहले राज्य में भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) की सरकार थी। नई सरकार ने कल्याणकारी योजनाओं और प्रशासनिक सुधारों पर विशेष जोर देने की घोषणा की है।
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