हैदराबाद। तेलंगाना के डीजीपी बी. शिवधर रेड्डी (B. Shivadhar Reddy) ने आगामी गोदावरी पुष्करालू के दौरान सुरक्षा व्यवस्थाओं को पुख्ता करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बुधवार को डीजीपी कार्यालय में विभिन्न जिलों के पुलिस अधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से बैठक की। बैठक में धर्मस्व विभाग की विशेष मुख्य सचिव शैलजा रामअय्यर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। डीजीपी ने अधिकारियों को सुरक्षा, ट्रैफिक नियंत्रण और श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह पुष्करालू (Pushkaralu) 26 जून से 7 जुलाई तक आयोजित होंगा, और नदियों के किनारे आने वाले श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए पुख्ता सुरक्षा और अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाएगा।
हजारों कैमरों के माध्यम से कड़ी सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी
डीजीपी ने कहा कि सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे और फेसियल रिकग्निशन प्रणाली, वाहन नंबर पहचान कैमरे, ड्रोन सर्विलांस, वीडियो एनालिटिक्स और हीट मैप तकनीक, स्टेट लेवल रियल टाइम कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से निगरानी, यूनिफाइड मोबाइल ऐप और डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड, इमरजेंसी सेवाओं के लिए एम्बुलेंस और फायर वाहन ट्रैकिंग सिस्टम शामिल है। डीजीपी ने कहा कि प्रयागराज और नासिक कुंभ मेलों की तर्ज पर हजारों कैमरों के माध्यम से कड़ी सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। बैठक में एडीजी शांति एवं सुरक्षा महेश एम. भगवत, आईजीपी एस. चंद्रशेखर रेड्डी, गजराज भूपाल, शांति एवं सुरक्षा एआईजी रमण कुमार, विभिन्न जिलों के एसपी और कमिश्नर, तथा एन्डोमेंट विभाग के अधिकारी शामिल हुए और उन्होंने क्षेत्रीय तैयारियों पर सुझाव दिए।
सुरक्षा और तैयारियों का काम अभी से शुरू किया जाए
शैलजा रामअय्यर ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नदियों के किनारे स्थित जिलों जैसे निजामाबाद, निर्मल, मनचिर्याल, जगितयाल, पेद्दपल्ली, जयशंकर भूपालपल्ली, मुलुगु और भद्राद्री-कोत्तगुडेम में सुरक्षा और तैयारियों का काम अभी से शुरू किया जाए। उन्होंने पानी की गुणवत्ता, हवा और ध्वनि प्रदूषण की ऑनलाइन मॉनिटरिंग सहित स्मार्ट बिन, आरएफआईडी टैग वाले सफाई वाहन और तात्कालिक सोलर ग्रिड जैसी सुविधाओं की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। डीजीपी ने कहा कि श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सघन योजना और तकनीकी निगरानी जरूरी है। डीजीपी बी. शिवधर रेड्डी ने अखिल भारतीय पुलिस फुटबॉल चैंपियनशिप 2026 की तैयारियों की उच्च स्तरीय समीक्षा की।
पुलिस को कौन सस्पेंड कर सकता है?
निलंबन का अधिकार आमतौर पर संबंधित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी के पास होता है। थाने स्तर पर यह अधिकार पुलिस अधीक्षक (SP) या उससे ऊपर के अधिकारी को होता है। बड़े पदों के मामलों में राज्य सरकार या गृह विभाग भी कार्रवाई कर सकता है। विभागीय नियमों और सेवा शर्तों के अनुसार जांच के आधार पर निलंबन किया जाता है।
DGP या IAS कौन अधिक शक्तिशाली है?
Director General of Police राज्य पुलिस बल का सर्वोच्च अधिकारी होता है और कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालता है। वहीं Indian Administrative Service (IAS) अधिकारी प्रशासनिक ढांचे में नीति निर्माण और शासन संचालन में अहम भूमिका निभाते हैं। दोनों की शक्तियां अलग-अलग क्षेत्रों में होती हैं; एक पुलिस व्यवस्था का प्रमुख होता है, जबकि दूसरा प्रशासनिक तंत्र का हिस्सा होता है।
अगर पुलिस आपकी मदद न करे तो क्या करें?
ऐसी स्थिति में संबंधित जिले के पुलिस अधीक्षक (SP) या उच्च अधिकारी से लिखित शिकायत की जा सकती है। राज्य पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट या हेल्पलाइन पर भी शिकायत दर्ज की जा सकती है। इसके अलावा न्यायालय में धारा 156(3) सीआरपीसी के तहत आवेदन देकर एफआईआर दर्ज कराने का अनुरोध किया जा सकता है। मानवाधिकार आयोग या लोक शिकायत प्रकोष्ठ में भी शिकायत करने का विकल्प उपलब्ध है।
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