ब्राजील में कुदरत का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। दक्षिण-पूर्वी हिस्से में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। भीषण बाढ़ (Great Flood) और भूस्खलन की घटनाओं ने अब तक 46 लोगों की जान ले ली है, जबकि 21 लोग लापता बताए जा रहे हैं। हजारों परिवारों को अपना घर छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा है और कई इलाके अब भी पानी व मलबे में डूबे हुए हैं।
मिनास गेरैस में तबाही का मंजर
दक्षिण-पूर्वी राज्य मिनास गेरैस सबसे ज्यादा प्रभावित है। यहां अचानक आई बाढ़ और पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन ने व्यापक नुकसान पहुंचाया है। मौसम वैज्ञानिकों (meteorologists) ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में और अधिक बारिश हो सकती है, जिससे हालात और बिगड़ने की आशंका है।
राहत और बचाव अभियान तेज
राज्य के अग्निशमन विभाग और सुरक्षा बल लगातार राहत एवं बचाव कार्य में जुटे हैं। कई कस्बे कीचड़ और मलबे से ढके हुए हैं। अधिकारियों के अनुसार लगभग 3,600 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। बचाव दल लापता लोगों की तलाश में लगातार अभियान चला रहे हैं। लगभग 110 किलोमीटर की दूरी पर स्थित शहर जुइज डे फोरा और उबा में बाढ़ और भूस्खलन से भारी तबाही हुई है।

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11 वर्षीय मासूम की मौत से शोक
मृतकों में 11 वर्षीय बर्नार्डो लोपेस दुत्रा भी शामिल है, जिसका घर तेज बारिश के कारण ढह गया। इस दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। परिवार के अन्य सदस्य अस्पताल में भर्ती हैं। अंतिम संस्कार के दौरान परिजनों ने इसे ऐसी त्रासदी बताया, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी।
राष्ट्रपति का बयान
ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा ने कहा है कि सुरक्षा बलों और स्वास्थ्य कर्मियों को प्रभावित क्षेत्रों में तैनात किया गया है। सरकार ने आश्वासन दिया है कि पहाड़ियों, घाटियों और ढलानों के पास बसे इलाकों में फंसे लोगों को हरसंभव मदद पहुंचाई जा रही है। लगातार हो रही बारिश ने हालात को और चुनौतीपूर्ण बना दिया है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है, क्योंकि खतरा अभी टला नहीं है।
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