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Balochistan: बलूचिस्तान में हिंसा: पाकिस्तान ने फिर अलापा भारत के खिलाफ राग

Dhanarekha
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Balochistan: बलूचिस्तान में हिंसा: पाकिस्तान ने फिर अलापा भारत के खिलाफ राग

भारत ने दावों को नकारा

इस्लामाबाद: पाकिस्तान सरकार ने एक बार फिर अपनी आंतरिक सुरक्षा विफलताओं का दोष(Balochistan) भारत पर मढ़ने की कोशिश की है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने दावा किया है कि बलूचिस्तान में हो रहे हमलों के प्रति भारत की हालिया प्रतिक्रिया ने यह ‘साबित’ कर दिया है कि इन गतिविधियों में बाहरी ताकतों का हाथ है। इस्लामाबाद का आरोप है कि ‘बलूच लिबरेशन आर्मी’ (BLA) जैसे समूहों को भारत का समर्थन प्राप्त है। हालांकि, भारतीय विदेश मंत्रालय ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि पाकिस्तान अपनी नाकामियों को दूसरों के सिर फोड़ना बंद करे

बीएलए के भीषण हमले और ज़मीनी हकीकत

पिछले महीने बलूचिस्तान(Balochistan) के कई हिस्सों में बीएलए द्वारा किए गए हमलों(Attacks) ने पाकिस्तानी सेना की कमर तोड़ दी है। क्वेटा, ग्वादर और मस्तुंग जैसे इलाकों में हुए इन हमलों में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के दर्जनों जवान मारे गए। आधिकारिक आंकड़ों के विपरीत, विदेशी मीडिया का मानना है कि मरने वालों की संख्या 200 से अधिक हो सकती है। पाकिस्तानी सेना ने इन हमलों को ‘फितना अल-हिंदुस्तान’ का नाम देकर इसे सीधे तौर पर सीमा पार से प्रायोजित बताने का प्रयास किया है, ताकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहानुभूति बटोरी जा सके।

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केपी और बलूचिस्तान में बिगड़ते हालात

पाकिस्तान के लिए बलूचिस्तान(Balochistan) और खैबर पख्तूनख्वा (KP) प्रांत अब सबसे अशांत क्षेत्र बन चुके हैं। पाकिस्तान का कहना है कि भारत और अफगानिस्तान की सरजमीं का इस्तेमाल उसके खिलाफ हिंसा भड़काने के लिए किया जा रहा है। दूसरी ओर, भारत ने स्पष्ट किया है कि पाकिस्तान में पनप रहा आतंकवाद उसकी अपनी गलत नीतियों और आतंकी समूहों को दिए गए दशकों पुराने प्रश्रय का नतीजा है। पाकिस्तान की यह कोशिश कि वह अपनी घरेलू अशांति को पड़ोसी देशों की साजिश बताए, वैश्विक मंच पर भी संदेह की दृष्टि से देखी जा रही है।

बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) कौन है और वे पाकिस्तानी सेना को क्यों निशाना बना रहे हैं?

बीएलए एक बलूच राष्ट्रवादी उग्रवादी संगठन है जो बलूचिस्तान की पाकिस्तान से आजादी की मांग करता है। उनका आरोप है कि पाकिस्तान सरकार इस क्षेत्र के प्राकृतिक संसाधनों (जैसे गैस और खनिज) का दोहन कर रही है, लेकिन स्थानीय लोगों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है। इसी असंतोष के कारण वे अक्सर सेना और ग्वादर जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स को निशाना बनाते हैं।

भारत ने पाकिस्तान के इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया दी है?

भारत ने हमेशा इन आरोपों को बेबुनियाद और झूठा बताया है। भारत का रुख साफ है कि पाकिस्तान को अपनी समस्याओं के लिए दूसरों को दोष देने के बजाय अपने घर में पल रहे आतंकवाद के सुरक्षित ठिकानों को खत्म करना चाहिए। भारतीय विदेश मंत्रालय के अनुसार, पाकिस्तान केवल ध्यान भटकाने के लिए ऐसे मनगढ़ंत दावे करता है।

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