आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रियल-टाइम सर्च का मेल
नई दिल्ली: गूगल ने अपना सबसे उन्नत AI इमेज जनरेशन मॉडल ‘नैनो बनाना 2’ (Nano) लॉन्च कर दिया है, जिसे CEO सुंदर पिचाई ने अब तक का ‘बेस्ट इमेज मॉडल’ बताया है। इस टूल की सबसे बड़ी खासियत इसकी रियल-टाइम सर्च पावर है, जिसकी मदद से यह इंटरनेट की ताजा जानकारी का उपयोग कर सटीक और उच्च गुणवत्ता वाली 4K तस्वीरें तैयार करता है। यह साधारण AI टूल्स के मुकाबले कहीं अधिक तेज है और बारीकियों पर बेहतर पकड़ रखता है।
पुरानी यादों को नया रूप और क्रिएटिव फ्रीडम
नैनो बनाना 2 की ‘फेस कंसिस्टेंसी’ खूबी उन लोगों के लिए वरदान है जो अपनी पुरानी तस्वीरों को अपडेट करना चाहते हैं। अब आप अपना चेहरा(Nano) वही रखते हुए फोटो का बैकग्राउंड(Background), कपड़े या हेयरस्टाइल पूरी सटीकता से बदल सकते हैं। इसके अलावा, यह टूल सोशल मीडिया के शौकीनों के लिए यूनिक स्टिकर और मजेदार मीम्स बनाने में भी सक्षम है। छोटे व्यापारियों के लिए यह एक ‘फ्री ग्राफिक डिजाइनर’ की तरह काम करेगा, जो उनके प्रोडक्ट्स को प्रोफेशनल लुक दे सकता है।
अन्य पढ़े: सेंसेक्स 450 अंक टूटा, निफ्टी भी फिसला
शिक्षा और बिजनेस में क्रांतिकारी बदलाव
छात्रों और प्रोफेशनल्स के लिए यह टूल जटिल इन्फोग्राफिक्स और डायग्राम बनाने की प्रक्रिया को सरल बना देता है। आप सौर मंडल या वॉटर साइकिल(Nano) जैसे कठिन विषयों पर अपनी पसंद की भाषा (जैसे हिंदी) में 4K चार्ट तैयार करवा सकते हैं। गूगल ने इस मॉडल को अपने पूरे इकोसिस्टम (जेमिनी एप, गूगल सर्च, लेंस और फ्लो वीडियो टूल) में जोड़ दिया है, जिससे भविष्य में फोटो एडिटिंग और डिजाइनिंग हर किसी के लिए बेहद आसान हो जाएगी।
‘नैनो बनाना 2’ पिछले मॉडल्स (नैनो बनाना और नैनो बनाना प्रो) से कैसे बेहतर है?
नैनो बनाना 2 पहले के मॉडल्स की तुलना में ज्यादा तेज(Nano) है और इसमें ‘रियल-टाइम सर्च’ की ताकत है। यह ‘फेस कंसिस्टेंसी’ के साथ आता है जिससे फोटो का बैकग्राउंड बदलते समय चेहरा नहीं बदलता, और यह जटिल इन्फोग्राफिक्स को हिंदी जैसी स्थानीय भाषाओं में भी बना सकता है।
क्या इस टूल का उपयोग व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए किया जा सकता है?
हाँ, छोटे बिजनेस मालिक अपने प्रोडक्ट्स की फोटो खींचकर उन्हें स्टाइलिश शोरूम बैकग्राउंड में सेट कर सकते हैं और उन पर ‘डिस्काउंट’ जैसे टेक्स्ट लिखकर प्रोफेशनल विज्ञापन तैयार कर सकते हैं, जिससे महंगे ग्राफिक डिजाइनर्स की जरूरत कम हो जाएगी।
अन्य पढ़े: