New Delhi । महिला आरक्षण (Women’s Reservation) को लागू करने की दिशा में केंद्र सरकार तेजी से कदम बढ़ा रही है। आगामी 2029 लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए कानून में संशोधन की तैयारी की जा रही है, जिससे संसद की संरचना में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। प्रस्तावित बदलाव के तहत लोकसभा सीटों की संख्या में भारी वृद्धि होने की संभावना है।
लोकसभा सीटें बढ़कर हो सकती हैं 816
यदि महिला आरक्षण लागू होता है, तो वर्तमान 543 सीटों वाली लोकसभा (Loksabha) का आकार बढ़कर 816 तक पहुंच सकता है। इनमें से लगभग 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी, जिससे संसद में महिलाओं की भागीदारी में ऐतिहासिक वृद्धि होगी।
राज्यों में बदलेगा सीटों का गणित
नए प्रस्ताव के अनुसार, राज्यों में सीटों का पुनर्गठन किया जाएगा। (Uttar Pradesh) में सबसे ज्यादा 120 सीटें हो सकती हैं, जबकि Bihar की सीटें 40 से बढ़कर 60 और Maharashtra की 48 से बढ़कर 72 होने की संभावना है।
दक्षिणी राज्यों की चिंता का समाधान
दक्षिण भारत के राज्यों की सीटें कम होने की आशंका को देखते हुए सरकार 2011 की जनगणना के आधार पर ही सीटों का निर्धारण करने पर विचार कर रही है। इससे राज्यों के बीच मौजूदा अनुपात में संतुलन बना रहेगा।
महिलाओं के लिए तय होगा 33% आरक्षण
प्रस्ताव के अनुसार हर राज्य में कुल सीटों का लगभग 33 प्रतिशत हिस्सा महिलाओं के लिए आरक्षित किया जाएगा। उदाहरण के तौर पर यूपी में 120 में से 40 सीटें, महाराष्ट्र में 72 में से 24 सीटें महिलाओं के लिए हो सकती हैं।
छोटे राज्यों में भी बढ़ेंगी सीटें
नए परिसीमन के तहत छोटे राज्यों को भी फायदा मिलेगा। Arunachal Pradesh, Goa, Manipur, Meghalaya और Tripura जैसे राज्यों की सीटें 2 से बढ़कर 3 हो सकती हैं।
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राजनीतिक सहमति बनाने की कोशिश
सरकार इस संशोधन को लेकर विपक्षी दलों से भी बातचीत कर रही है। गृह मंत्री Amit Shah समेत कई वरिष्ठ नेता इस मुद्दे पर सहमति बनाने में जुटे हैं, ताकि 2029 के चुनाव से पहले इसे लागू किया जा सके।
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