दिग्गज नेता टी. जीवन रेड्डी का 40 साल पुराना साथ छूटा
जगतियाल। तेलंगाना की राजनीति में बुधवार को एक बड़ा भूचाल आ गया, जब कांग्रेस (Congress) के कद्दावर और वरिष्ठ नेता टी. जीवन रेड्डी ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और एआईसीसी सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। पिछले 40 वर्षों से कांग्रेस के साथ मजबूती से खड़े रहने वाले जीवन रेड्डी ने पार्टी नेतृत्व द्वारा दलबदलू विधायक डॉ. एम. संजय कुमार को लगातार दिए जा रहे प्रोत्साहन (Incentive) और तवज्जो से आहत होकर यह कड़ा कदम उठाया है। नेतृत्व द्वारा उन्हें मनाने की तमाम कोशिशें नाकाम साबित हुईं।
अन्याय को वे अब और सहन नहीं कर सकते
एआईसीसी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खर्गे को लिखे अपने भावुक पत्र में जीवन रेड्डी ने स्पष्ट किया कि जगतियाल निर्वाचन क्षेत्र में मूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ हो रहे मानसिक उत्पीड़न और अन्याय को वे अब और सहन नहीं कर सकते। उन्होंने बताया कि अक्टूबर 2024 में उन्होंने सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी को पत्र लिखकर स्थानीय घटनाक्रमों पर दिशा-निर्देश मांगे थे, लेकिन एक साल बीत जाने के बाद भी आलाकमान की ओर से कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं मिली। जीवन रेड्डी ने आरोप लगाया कि बीआरएस छोड़कर आए विधायक संजय कुमार के इशारे पर ही पार्टी में मनोनीत पद बांटे जा रहे हैं, जिससे पुराने कार्यकर्ताओं में भारी असंतोष है।
‘जय संविधान’ के नारे का बताया उल्लंघन
विवाद उस समय और गहरा गया जब गांधी भवन में आयोजित नगर निगम चुनाव की बैठक में संजय कुमार को आमंत्रित किया गया, जिसे जीवन रेड्डी ने संवैधानिक नियमों और राहुल गांधी के ‘जय संविधान’ के नारे का उल्लंघन बताया। उन्होंने जिक्र किया कि जगतियाल नगर पालिका के 50 वार्डों में से 30 सीटें उन लोगों को दे दी गईं जो संजय कुमार के समर्थक थे, जबकि दशकों से पार्टी के लिए खून-पसीना बहाने वाले वफादारों की अनदेखी की गई। जीवन रेड्डी ने कहा कि पिछले 20 महीनों की मानसिक पीड़ा उनके लिए असहनीय हो गई थी। फिलहाल उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया है कि वे किसी अन्य दल में शामिल होंगे या राजनीति से संन्यास लेंगे।
जगित्याल को हिंदी में क्या कहते हैं?
हिंदी में इसे आमतौर पर “जगतियाल” लिखा और बोला जाता है। यह नाम तेलुगु उच्चारण से लिया गया है, जिसे हिंदी में सरल रूप में बदल दिया गया है। प्रशासनिक और सामान्य उपयोग में यही रूप प्रचलित है, इसलिए आधिकारिक दस्तावेजों और समाचारों में भी “जगतियाल” ही लिखा जाता है।
जगतियाल किस लिए प्रसिद्ध है?
अपने ऐतिहासिक किले और कृषि उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है। यहां का जगतियाल किला विशेष रूप से जाना जाता है, जिसकी वास्तुकला अनोखी मानी जाती है। इसके अलावा यह क्षेत्र धान और अन्य फसलों की खेती के लिए भी महत्वपूर्ण है। स्थानीय संस्कृति और परंपराएं भी इस जगह को खास पहचान देती हैं।
जगतियाल कैसे लिखते हैं?
हिंदी में सही वर्तनी “जगतियाल” होती है। इसे देवनागरी लिपि में ज-ग-ति-या-ल अक्षरों के साथ लिखा जाता है। अंग्रेजी में इसे “Jagtial” या “Jagityal” भी लिखा जाता है। अलग-अलग भाषाओं में उच्चारण थोड़ा बदल सकता है, लेकिन हिंदी में “जगतियाल” ही मानक रूप माना जाता है।
जगतियाल जिले में कितने मंडल हैं?
जिला में कुल 18 मंडल (तहसील) हैं। ये मंडल प्रशासनिक इकाइयों के रूप में काम करते हैं, जिनके माध्यम से सरकारी योजनाओं और सेवाओं का संचालन किया जाता है। हर मंडल का अपना स्थानीय प्रशासन होता है, जो क्षेत्र के विकास और व्यवस्था को संभालता है।
Read Telugu News: https://vaartha.com/
यह भी पढ़ें :