ताजमहल में परखीं गई व्यवस्थाएं
आगरा में भीषण गर्मी को देख स्वास्थ्य विभाग, एएसआई, सीआईएसएफ ने मॉकड्रिल कर व्यवस्थाएं परखीं। ताजमहल घूमते हुए डमी पर्यटक चक्कर खाकर गिर पड़ा। इसे टीम ने स्ट्रेचर पर लेकर तत्काल ताजमहल स्थित डिस्पेंसरी लेकर गए। यहां प्राथमिक उपचार देने पर भी राहत नहीं मिलने पर एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेज दिया। सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि ताजमहल पर पर्यटकों के लू लगने पर उसे तत्काल इलाज उपलब्ध कराने के लिए मॉकड्रिल की गई है। ताजमहल की डिस्पेंसरी में सुविधाएं बढ़ाने के साथ टेलीमेडिसिन से भी जोड़ा जाएगा। एसीएमओ डॉ. सुरेंद्र मोहन प्रजापति ने बताया कि डिस्पेंसरी में प्राथमिक उपचार के लिए दवाएं और उपकरण हैं। यहां एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस भी है, जो तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया जाता है।
लू लगने के लक्षण:
- सिरदर्द, सिर में भारीपन महसूस होना।
- त्वचा का सूखना और लाल होना।
- दस्त, उल्टी होना और बेहोश होना।
- मांसपेशियों में ऐंठन होना।
ये करें:
- मरीज को ठंडे, छायादार स्थान पर लेकर पैरों को ऊपर उठाकर रखें।
- मरीज बेहोश नहीं हुआ है तो ठंडा पानी पिलाएं, स्वास्थ्य केंद्र पर लेकर जाएं।
- जितना हो सके, शरीर से कपड़ों को हटा दें, शरीर पर ठंडा पानी स्प्रे करें।
ताजमहल में ड्रोन को किया निष्क्रिय
ताजमहल की सुरक्षा में तैनात सीआईएसएफ के दिल्ली मुख्यालय से आए आईजी नवज्योति गोगोई ने ताज की सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया। उन्होंने अत्याधुनिक उपकरणों को जांचा और सुरक्षा की समीक्षा की। इस दौरान मॉकड्रिल कर एंटी ड्रोन सिस्टम का परीक्षण किया गया। मॉकड्रिल के दौरान ताजमहल में एक ड्रोन हमला किया गया। यमुना नदी की ओर से ड्रोन का प्रवेश ताज में कराया गया जो अज्ञात स्थान से उड़ाया गया था। एंटी-ड्रोन प्रणाली ने ड्रोन की मौजूदगी और उसके संचालक की स्थिति का पता लगाया। जैमिंग यूनिट से तत्काल ही उसे निष्क्रिय कर दिया। सीनियर कमांडेंट वैभव कुमार दुबे, एएसआई के अधिकारी और पुलिस की एंटी-ड्रोन टीम भी उपस्थित रहीं।