తెలుగు | Epaper

Tirumala Temple : तिरुमाला मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़

Surekha Bhosle
Surekha Bhosle
Tirumala Temple : तिरुमाला मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़

दर्शन टिकट का काउंटर 3 दिन के लिए बंद… कब शुरू होगी टोकन बुकिंग?

आंध्र प्रदेश स्थित विश्वप्रसिद्ध तिरुमाला श्री वेंकटेश्वर मंदिर में इन दिनों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। हालात ऐसे हैं कि भक्तों को 30 घंटे तक लाइन में लगकर दर्शन करने पड़ रहे हैं।

देश के बड़े-बड़े मंदिरों में नए साल से पहले दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ पहुंच रही है. आलम यह हो गया है कि पुलिस और मंदिर प्रशासन को व्यवस्था में बदलाव तक करना पड़ रहा है. ऐसे ही कुछ आंध्र प्रदेश के तिरुमला वेंकटेश्वर मंदिर (Venkateswara Temple) में भी देखने को मिला है, जहां तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) ने अगले तीन दिनों के लिए मंदिर में ऑफलाइन दर्शन की टिकटों के वितरण पर रोक लगा दी है

क्रिसमस की छुट्टियों और नए साल के आगमन की खुशी में तिरुमला मंदिर (Tirumala Temple) में बड़ी संख्या में भक्त उमड़ रहे हैं. इस वजह से मंदिर में काफी ज्यादा भीड़ बढ़ गई है. मंदिर में भक्तों को दर्शन करने के लिए 30-30 घंटों का इंतजार तक करना पड़ रहा है. उन्हें लंबी-लंबी लाइनों में भी खड़ा होना पड़ रहा है. श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए टीटीडी ने ऑफलाइन दर्शन टिकटों के वितरण पर 27, 28 और 29 दिसंबर को रोक लगा दी है।

अन्य पढ़े: Guru Govind Singh : गुरु गोबिंद सिंह की जयंती कब है 27 या 28 दिसंबर? 

कब से मिलेंगे ऑफलाइन टोकन?

टीटीडी ने बयान जारी कर बताया कि श्रद्धालुओं की भीड़ कम होने के बाद ऑफलाइन दर्शन के लिए टोकन वितरण की सुविधा फिर से शुरू हो जाएगी. टीटीडी ने बताया कि श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण यह निर्णय लिया गया है. टीटीडी के इस निर्णय के बाद, रेनिगुंटा हवाई अड्डे पर स्थित काउंटर से भी ऑफलाइन टिकट जारी करना बंद कर दिया है. टीटीडी ने श्रद्धालुओं से अनुरोध किया है कि वे दर्शन की योजना बनाते समय इस बात का ध्यान रखें।

हर साल आते करोड़ों भक्त

तिरुमाला मंदिर आंध्र प्रदेश के तिरुपति शहर के पास तिरुमाला पहाड़ियों पर स्थित है. यह भगवान श्री वेंकटेश्वर (बालाजी) को समर्पित है और भारत ही नहीं, दुनिया के सबसे प्रसिद्ध और समृद्ध मंदिरों में गिना जाता है. यह हर साल करोड़ों की संख्या में भक्त पहुंचते हैं. मंदिर में ऑफलाइन दर्शन टिकट वितरण बंद होने से श्रद्धालुओं को स्थिति सामान्य होने का इंतजार करना होगा।

बालाजी मंदिर का इतिहास क्या है?तिरुपति बालाजी मंदिर का पहली बार निर्माण:

भगवान महाविष्णु, जिनका निवास वैकुंठ (क्षीर सागर के बीच) है, अपने भक्तों के लिए पृथ्वी पर भगवान वेंकटेश्वर के रूप में अवतरित हुए। लगभग 17 करोड़ वर्ष पूर्व, भगवान वेंकटेश्वर (जिन्हें श्रीनिवास भी कहा जाता है) ने वेंकटद्रिनिलयम में प्रवेश किया, जो दिव्य सात पहाड़ियों का एक भाग है।

अन्य पढ़े:

पुनर्विका के इलाज को धन पूरा, लोकेश के ऐलान से राहत

पुनर्विका के इलाज को धन पूरा, लोकेश के ऐलान से राहत

मार्च में बढ़ी गर्मी, आंध्र प्रदेश में तापमान तेज़ उछाल

मार्च में बढ़ी गर्मी, आंध्र प्रदेश में तापमान तेज़ उछाल

गैस रेगुलेटर ठीक करते समय महिला झुलसी

गैस रेगुलेटर ठीक करते समय महिला झुलसी

आंध्र प्रदेश में महिला टीचर की मौत बनी मिस्ट्री

आंध्र प्रदेश में महिला टीचर की मौत बनी मिस्ट्री

टीटीडी में वर्षों से जमा कबाड़ के निस्तारण पर विशेष ध्यान दें – अतिरिक्त ईओ

टीटीडी में वर्षों से जमा कबाड़ के निस्तारण पर विशेष ध्यान दें – अतिरिक्त ईओ

गुंटूर में एयरफोर्स अग्निवीर भर्ती, युवाओं को मौका!

गुंटूर में एयरफोर्स अग्निवीर भर्ती, युवाओं को मौका!

आंध्र में 24 घंटे डाक सेवा, रात में भी पार्सल बुकिंग!

आंध्र में 24 घंटे डाक सेवा, रात में भी पार्सल बुकिंग!

क्या छात्रों पर सोशल मीडिया रोक? एपी सरकार का कदम

क्या छात्रों पर सोशल मीडिया रोक? एपी सरकार का कदम

सड़क पार करते समय लॉरी की टक्कर, महिला की मौत!

सड़क पार करते समय लॉरी की टक्कर, महिला की मौत!

वाईएसआरसीपी जॉइन करेंगी? आशालता ने सच्चाई बताई!

वाईएसआरसीपी जॉइन करेंगी? आशालता ने सच्चाई बताई!

राजामुंद्री में 2 मौतें, कई गंभीर!

राजामुंद्री में 2 मौतें, कई गंभीर!

यूट्यूबर श्रीनिवास हत्या केस में ट्विस्ट, दोस्त निकला मास्टरमाइंड

यूट्यूबर श्रीनिवास हत्या केस में ट्विस्ट, दोस्त निकला मास्टरमाइंड

📢 For Advertisement Booking: 98481 12870