Andhra Pradesh को सुखोई, मिग और तेजस की फैक्ट्री बनाएगा नायडू का ऑफर

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तेलुगु देशम पार्टी (TDP) प्रमुख और मुख्यमंत्री पद के दावेदार चंद्रबाबू नायडू ने राज्य को रक्षा उत्पादन का प्रमुख केंद्र बनाने की मंशा जताई है। उनका प्रस्ताव है कि आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) में सुखोई, मिग और तेजस जैसे फाइटर जेट्स की फैक्ट्रियां स्थापित की जाएं।

रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी उत्पादन को मिलेगा नया आधार

यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘आत्मनिर्भर भारत’ पहल को भी मजबूती देगा। इससे रक्षा उत्पादन में भारत की निर्भरता कम होगी और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

Andhra Pradesh सीएम चंद्रबाबू नायडू राज्य को एक विकसित प्रदेश ही नहीं बल्कि देश की फैक्ट्री के रूप में विकसित करना चाहते हैं। अब उनकी नजर उस डिफेंस सेक्टर पर है, जिसकी ग्रोथ में लगातार इजाफा देखने को मिल रहा है. वहीं केंद्र सरकार भी डिफेंस सेक्टर आत्म निर्भर होना चाहती है।

चंद्रबाबू नायडू ने केंद्र सरकार को एक ऐसा ऑफर दिया है, जिससे आंध्र प्रदेश सुखोई, मिग और तेजस जैसे एयरक्राफ्ट की फैक्ट्री बन सकता है. सीएम नायडू ने इसके लिए देश के डिफेंस मिनिस्टर राजनाथ सिंह से मुलाकात की है. साथ ही अपने पूरे प्लान और ऑफर्स की पूरी ब्रिफिंग भी दी है. आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर आंध्र प्रदेश को लेकर सीएम नायडू का आखिर पूरा प्लान क्या है?

नायडू का कुछ ऐसा है प्लान

आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh)के सीएम और एनडीए के प्रमुख सहयोगी एन चंद्रबाबू नायडू ने हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एएमसीए) और लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एलसीए) के प्रोडक्शन को कांग्रेस शासित कर्नाटक से अपने राज्य में ट्रांसफर करने की वकालत की है।

  • इसके लिए, नायडू ने बेंगलुरु एयरपोर्ट से एक घंटे की दूरी पर लेपाक्षी-मदकासिरा हब में एचएएल की एएमसीए प्रोडक्शन फैसिलिटी के लिए 10,000 एकड़ जमीन का प्रस्ताव दिया है. एएमसीए भारत का पांचवीं पीढ़ी का स्टील्थ लड़ाकू विमान है जिसे एचएएल अन्य निजी फर्मों के सहयोग से विकसित और निर्मित कर रहा है।
  • यह डिफेंस इंडस्ट्रीयल कोरिडॉर के लिए नायडू के बड़े प्रस्ताव का एक हिस्सा है और यह उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु के बाद भारत का तीसरा सबसे बड़ कोरिडॉर है, जो आंध्र प्रदेश के उत्तर से दक्षिण तक 23,000 एकड़ भूमि में फैला है. नायडू ने इस कोरिडॉर में पांच हब प्रस्तावित किए हैं. सीएम ने शुक्रवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ इस पर चर्चा भी की।

आंध्र ने डिफेंस मिनिस्टर को ये पांच हब देने का किया वादा

  1. एएमसीए प्रोडक्शन को लेपाक्षी-मदकासिरा हब में ले जाया जाए, जिसे डिफेंस इंडस्ट्रीयल कोरिडॉर में सबसे बड़े हब के रूप में योजनाबद्ध किया गया है. सूत्रों के अनुसार, नायडू ने कहा कि एचएएल ने बेंगलुरु इकोसिस्टम को सैचुरेटिड कर दिया है और उसे अधिक भूमि और बेहतर पॉलिसी ड्रिवन इंसेंटिव की आवश्यकता है, जो आंध्र प्रदेश प्रदान कर सकता है।
  2. डोनाकोंडा में IAF स्टेशन स्थापित करें, जो जग्गियापेट-डोनाकोंडा हब का एक हिस्सा होगा. राज्य ने 6,000 एकड़ भूमि की पहचान की है. राज्य ने इसमें IAF के लिए एक ऑपरेशनल एयरबेस, लॉजिस्टिक्स सेंटर, ट्रेनिंग सेंटर और आरएंडडी सेंटर का प्रस्ताव दिया है।
  3. 3,000 एकड़ से ज़्यादा क्षेत्रफल में प्रस्तावित विशाखापत्तनम-अनकापल्ली हब को नेवल इक्विपमेंट और वेपन ट्रेनिंग के लिए पेश किया गया है. नायडू ने पूर्वी नौसेना कमान और नेशनल एडवांस ऑफशोर बेस की सहायता के लिए समुद्री और पानी के नीचे के एसईज़ेड के रूप में समुद्र तट के भूखंड को अधिसूचित करने का प्रस्ताव दिया है।
  4. नायडू ने यह भी बताया कि एचएएल, जो 2026-27 तक 2.5 ट्रिलियन के ऑर्डर की उम्मीद कर रहा है, एलसीए और लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टरों के लिए प्रोडक्शन विस्तार कर रहा है. उनका राज्य एचएएल की विस्तार योजनाओं में तेजी लाने के लिए इंफ्रा की सुविधा देने के लिए उत्सुक है।
  5. चौथा सेंटर सैन्य ड्रोन, रोबोटिक्स और एडवांस डिफेंस कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग के लिए कुरनूल-ओरवाकल में प्रस्तावित किया गया है और यह 4,000 एकड़ में फैला होगा। वहीं पांचवां सेंटर तिरुपति में डिफेंस इनोवेशन में अनुसंधान और विकास के लिए प्रस्तावित है।

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Surekha Bhosle

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