हैदराबाद। श्रम, रोजगार और खनन मंत्री डॉ. जी. विवेक वेंकटस्वामी (Dr. G. Vivek Venkataswamy) ने जर्मनी के हनोवर में चैंबर ऑफ स्किल्ड क्राफ्ट्स के अधिकारियों से मुलाकात की। जर्मनी में कौशल आधारित उद्योगों का प्रतिनिधित्व करने वाली एक स्वायत्त सार्वजनिक संस्था है, जिसके देशभर में 53 क्षेत्रीय केंद्र हैं। यह संस्था कारीगरों, कर्मचारियों और प्रशिक्षुओं के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में कार्य करती है। मंत्री ने इस दौरान वहां की शिक्षा और प्रशिक्षण प्रणाली, कार्यस्थल की कार्यप्रणाली और मानव संसाधन विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। उन्होंने एचडब्लूके कैंपस के सीईओ वोल्कर श्मोल्ज से भी मुलाकात की। इसके बाद मंत्री और उनके प्रतिनिधिमंडल (Delegation) ने प्रशिक्षण केंद्रों का दौरा किया, जहां उन्होंने पाठ्यक्रम, करियर मार्गदर्शन और कौशल विकास कार्यक्रमों की समीक्षा की तथा प्रशिक्षकों और प्रशासनिक कर्मचारियों से बातचीत की।
जर्मनी का ₹1 भारत में कितना होता है?
Euro जर्मनी की मुद्रा है, इसलिए तुलना यूरो और भारतीय रुपये के बीच होती है। आमतौर पर 1 यूरो लगभग 85 से 95 रुपये के बीच होता है (रेट बदलता रहता है)। इसका मतलब यह है कि जर्मनी का ₹1 जैसा कोई अलग मूल्य नहीं होता, बल्कि यूरो को रुपये में बदला जाता है। सही और ताजा दर जानने के लिए बैंक या फॉरेक्स रेट देखना चाहिए।
जर्मनी का पुराना नाम क्या था?
Germany का कोई एक आधिकारिक पुराना नाम नहीं था, लेकिन इतिहास में इसे “प्रशिया” (Prussia) जैसे नामों से जोड़ा जाता है। प्राचीन समय में यह क्षेत्र कई छोटे-छोटे राज्यों में बंटा हुआ था। बाद में 1871 में जर्मन साम्राज्य (German Empire) के रूप में एकीकरण हुआ, जिससे आधुनिक जर्मनी की शुरुआत मानी जाती है।
जर्मनी में कितने भारतीय रहते हैं?
Germany में भारतीयों की संख्या लगातार बढ़ रही है। अनुमान के अनुसार वहाँ लगभग 2 लाख से अधिक भारतीय मूल के लोग रहते हैं, जिनमें छात्र, आईटी प्रोफेशनल, बिजनेस करने वाले और अन्य कामगार शामिल हैं। यह संख्या हर साल बढ़ती जा रही है, क्योंकि जर्मनी में शिक्षा और रोजगार के अच्छे अवसर उपलब्ध हैं।
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