Rayalaseema irrigation : एनटीआर और मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के शासनकाल में ही रायलसीमा के लिए सिंचाई की मजबूत नींव रखी गई थी, जिससे सूखा क्षेत्र हरित-समृद्ध इलाका बना, ऐसा आंध्र प्रदेश के जल संसाधन मंत्री डॉ. निम्मला रामानायडू ने कहा।
उन्होंने बताया कि 1983 में मुख्यमंत्री बनने के बाद एनटीआर ने रायलसीमा की जल समस्या का स्थायी समाधान सिंचाई परियोजनाओं के माध्यम से करने का निर्णय लिया और तेलुगु गंगा, हंद्री–नीवा, गालेरी–नगरी, गोरकल्ली, अवुकु, गंडिकोटा जैसी परियोजनाओं की शुरुआत की। बाद में मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने इन परियोजनाओं को विस्तार देकर रायलसीमा के सिंचाई सपने को साकार किया।
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मंत्री ने कहा कि मौजूदा गठबंधन सरकार के सत्ता में आने के बाद सिंचाई परियोजनाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है, जिससे जलाशय और तालाब भर गए हैं और (Rayalaseema irrigation) किसान दूसरी फसल भी उगा पा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने हंद्री–नीवा परियोजना की उपेक्षा की, जबकि वर्तमान सरकार ने एक ही वर्ष में हजारों करोड़ रुपये खर्च कर किसानों को पानी उपलब्ध कराया।
उन्होंने यह भी कहा कि रायलसीमा की सिंचाई परियोजनाओं की सुरक्षा और पुनरुद्धार के लिए सरकार ने त्वरित और जिम्मेदार कदम उठाए हैं, जिससे यह क्षेत्र फिर से जलसमृद्ध बन रहा है।
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